बिष्णुपुर | NHP Bharat Published BY: मानव मंडल
बिष्णुपुर (पश्चिम बंगाल)। पश्चिम बंगाल की पर्यटन एवं संस्कृति राज्य मंत्री पूर्णिमा चक्रवर्ती ने 1 अगस्त 2026 को ऐतिहासिक मंदिर नगरी बिष्णुपुर का दौरा कर पर्यटन अवसंरचना (Tourism Infrastructure), विरासत स्थलों (Heritage Sites) और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने पर्यटन विकास को गति देने तथा ऐतिहासिक स्थलों को विश्वस्तरीय पहचान दिलाने पर विशेष जोर दिया।
दौरे के दौरान राज्य मंत्री ने सूचना एवं संस्कृति विभाग द्वारा संचालित आचार्य योगेशचंद्र पुराकृति भवन (संग्रहालय) का निरीक्षण किया। उन्होंने संग्रहालय में संरक्षित ऐतिहासिक धरोहरों और संरक्षण व्यवस्था का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
पूर्णिमा चक्रवर्ती ने स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों, टूरिस्ट गाइडों एवं अन्य संबंधित लोगों से संवाद कर पर्यटन क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों और आवश्यकताओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि बिष्णुपुर को देश-विदेश के पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।
इस अवसर पर राज्य सरकार के सूचना एवं संस्कृति विभाग तथा पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने रश्मंचा, जोरबांगला (केशत्रय) मंदिर, श्यामराय मंदिर, मदनमोहन मंदिर, राधाश्याम मंदिर, लालजी मंदिर, कालाचंद मंदिर, नंदलाल मंदिर, राधागोविंद मंदिर, मृण्मयी देवी मंदिर तथा जोर मंदिर सहित कई ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, विरासत स्थलों के संरक्षण, आधारभूत सुविधाओं के विकास तथा पर्यटकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तृत समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
राज्य सरकार ने दोहराया कि पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए पर्यटन एवं संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।