Published By: manab mondal Friday , 31 Jul 2026 1:22 PM
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में पर्यटन क्षेत्र के विकास को गति देने के उद्देश्य से पर्यटन मंत्री डॉ. शंकर घोष की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पूर्णिमा चक्रवर्ती ने भी भाग लिया। बैठक के दौरान राज्य के पर्यटन उद्योग के विस्तार, नए पर्यटन अवसरों के विकास और पर्यटन अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत बनाने से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में पर्यटन क्षेत्र को राज्य की अर्थव्यवस्था, रोजगार और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ते हुए दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। चर्चा में पर्यटन स्थलों के बेहतर विकास, पर्यटकों के लिए सुविधाओं में सुधार और राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता दिलाने जैसे विषय शामिल रहे।
पर्यटन मंत्री डॉ. शंकर घोष पहले भी राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए कई योजनाओं की घोषणा कर चुके हैं। इनमें सुंदरबन, मंदारमणि और दार्जिलिंग जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में कार्य करने की बात कही गई है। साथ ही इको-फ्रेंडली (पर्यावरण अनुकूल) पर्यटन को बढ़ावा देने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ पर्यटन विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
हाल ही में इंटरनेशनल टाइगर डे के अवसर पर भी डॉ. शंकर घोष ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर अपना संदेश साझा किया था। उन्होंने कहा था कि वन्यजीव केवल पर्यटन का साधन नहीं हैं, बल्कि उनका संरक्षण हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने प्राकृतिक आवास और जैव विविधता के संरक्षण के महत्व पर भी बल दिया था।
पूर्णिमा चक्रवर्ती लंबे समय से सामाजिक और जनसेवा के कार्यों से जुड़ी रही हैं। सक्रिय राजनीति में आने से पहले भी वह विभिन्न सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों में भाग लेती रही हैं तथा कोलकाता के पारंपरिक राधा-माधव मंदिर की सेवायत के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं।
उनके दिवंगत पति राजा चक्रवर्ती एक पुलिस अधिकारी थे, जिनका ड्यूटी के दौरान निधन हो गया था। इसके बाद उन्हें बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट में नौकरी का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया और सार्वजनिक जीवन एवं राजनीति का रास्ता चुना।
बैठक के दौरान पर्यटन क्षेत्र में निवेश, रोजगार सृजन, स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। राज्य सरकार का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र को मजबूत कर स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना और अधिक से अधिक घरेलू एवं विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करना है।