कोलकाता। कोलकाता नगर निगम (KMC) के प्रशासनिक ढांचे में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पश्चिम बंगाल विधानसभा ने Kolkata Municipal Corporation (Amendment) Bill, 2026 पारित किया है, जिसके तहत KMC में निर्वाचित प्रतिनिधित्व को मौजूदा 144 वार्डों से बढ़ाकर 209 वार्ड करने का प्रावधान है। यानी नई व्यवस्था लागू होने पर कोलकाता नगर निगम में 65 अतिरिक्त वार्ड होंगे।
वार्डों के पुनर्गठन और परिसीमन का मुद्दा इन दिनों कोलकाता की प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियों के केंद्र में है। मौजूदा KMC व्यवस्था में 144 वार्ड हैं, जिसकी पुष्टि नगर निगम के 2026-27 के बजट दस्तावेजों से भी होती है।
144 से 209 वार्ड, बदलेंगी कई सीमाएं
नई व्यवस्था के तहत केवल वार्डों की संख्या बढ़ाना ही महत्वपूर्ण नहीं होगा, बल्कि वार्ड परिसीमन (Delimitation) के चलते कई क्षेत्रों की वार्ड सीमाओं और नंबरों में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या बढ़ने से नागरिक प्रतिनिधित्व और स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।
इस बड़े पुनर्गठन को शहर की बढ़ती आबादी, शहरी विस्तार और नागरिक सेवाओं के बेहतर प्रबंधन से जोड़कर देखा जा रहा है। वार्डों के पुनर्गठन को लेकर राजनीतिक दलों और प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चा तेज है।
बोरो XIII, XIV और XVI को लेकर समीक्षा बैठक
इसी क्रम में कोलकाता नगर निगम के बोरो नंबर XIII, XIV और XVI से संबंधित स्तर पर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वार्ड परिसीमन और नगर निगम से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
बेहाला शरत सदन में आयोजित बैठक में विधायक शंकर सिकदर भी मौजूद रहे। नगर निगम के पुनर्गठन को देखते हुए संबंधित क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्थाओं और नागरिक सेवाओं को लेकर समीक्षा का दौर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
परिसीमन का नागरिक सेवाओं पर भी पड़ेगा असर
वार्डों के पुनर्गठन से स्थानीय निकाय में प्रतिनिधित्व बढ़ने के साथ नागरिक सेवाओं के क्षेत्राधिकार में भी बदलाव संभव है। नई वार्ड सीमाओं के आधार पर स्थानीय प्रशासन, संपत्ति से संबंधित रिकॉर्ड और अन्य नगर निकाय सेवाओं में आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।
परिसीमन के बाद संपत्ति करदाताओं से जुड़े assessee numbers में भी बदलाव की संभावना की बात सामने आई है, जिससे यह स्पष्ट है कि वार्ड पुनर्गठन का असर केवल चुनावी सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा।
कोलकाता की शहरी प्रशासन व्यवस्था में बड़ा परिवर्तन
144 से 209 वार्ड किए जाने की प्रक्रिया कोलकाता नगर निगम के प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती है। नई सीमाओं और वार्डों के गठन के बाद शहर के विभिन्न इलाकों का प्रतिनिधित्व नए तरीके से निर्धारित होगा।
आने वाले समय में परिसीमन से संबंधित विस्तृत सीमाएं और प्रशासनिक व्यवस्था सामने आने के बाद यह और स्पष्ट होगा कि किस इलाके को किस नए वार्ड में शामिल किया जाएगा।
रिपोर्ट: मानव मंडल
NHP Bharat News, कोलकाता