कोलकाता में प्रफुल्ल चाकी और बिपिन बिहारी गांगुली की प्रतिमाएं स्थापित

Kolkata

कोलकाता में क्रांतिकारी प्रफुल्ल चाकी और बिपिन बिहारी गांगुली की प्रतिमाएं स्थापित, स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को दी गई श्रद्धांजलि

Aug 14, 2026
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कोलकाता। स्वतंत्रता दिवस से पहले कोलकाता में देश के स्वतंत्रता संग्राम के वीर क्रांतिकारियों को याद करते हुए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। 12 अगस्त 2026 को कोलकाता के बाऊ बाजार इलाके में बिपिन बिहारी गांगुली स्ट्रीट और नवीन चंद बराल लेन के जंक्शन पर महान क्रांतिकारी प्रफुल्ल चाकी और बिपिन बिहारी गांगुली की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। कार्यक्रम के माध्यम से स्वतंत्रता आंदोलन में अपना जीवन समर्पित करने वाले क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास को जीवंत रखने की पहल

प्रफुल्ल चाकी और बिपिन बिहारी गांगुली भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के उन क्रांतिकारी चेहरों में शामिल रहे, जिनका साहस और संघर्ष आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है। दोनों क्रांतिकारियों की प्रतिमाएं स्थापित करने की पहल को नई पीढ़ी तक स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और क्रांतिकारियों के योगदान को पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना गया।

कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने दोनों क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस, देशभक्ति और बलिदान को याद किया।

तपस रॉय सहित कई प्रमुख लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में तपस रॉय विशेष अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इसके अलावा शहर की विभिन्न प्रमुख हस्तियों के साथ स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी परिवारों से जुड़े सम्मानित सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।

आयोजन के दौरान 11 से अधिक क्रांतिकारी परिवारों के सदस्यों को सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले परिवारों के वंशजों को सम्मान दिए जाने से कार्यक्रम का माहौल भावुक और गौरवपूर्ण हो गया।

प्रफुल्ल चाकी के परपोते सुब्रत चाकी भी हुए शामिल

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण क्रांतिकारी प्रफुल्ल चाकी के परपोते सुब्रत चाकी और उनके परिवार की मौजूदगी रही। परिवार के सदस्यों की उपस्थिति ने आयोजन को इतिहास से सीधे जोड़ते हुए और अधिक भावनात्मक बना दिया।

कार्यक्रम में प्रफुल्ल चाकी के बलिदान और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को याद किया गया। साथ ही बिपिन बिहारी गांगुली के क्रांतिकारी जीवन और स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष को भी श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया।

बिस्वरूप डे की पहल और देखरेख में हुआ आयोजन

पूरे कार्यक्रम का आयोजन बिस्वरूप डे की पहल और देखरेख में किया गया। स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित इस कार्यक्रम में इतिहास, देशभक्ति और क्रांतिकारियों के प्रति सम्मान का संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि स्वतंत्रता केवल एक ऐतिहासिक उपलब्धि नहीं है, बल्कि इसके पीछे असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों का संघर्ष एवं बलिदान जुड़ा हुआ है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के उन नायकों के बारे में जानने का अवसर मिलता है, जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

आने वाली पीढ़ियों को याद दिलाएंगी प्रतिमाएं

कोलकाता के प्रमुख इलाके में प्रफुल्ल चाकी और बिपिन बिहारी गांगुली की प्रतिमाओं की स्थापना को स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

ये प्रतिमाएं आने वाली पीढ़ियों को न केवल दोनों क्रांतिकारियों के योगदान की याद दिलाएंगी, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन में बंगाल की महत्वपूर्ण भूमिका और क्रांतिकारी परंपरा से भी परिचित कराएंगी।

कार्यक्रम के अंत में स्वतंत्रता संग्राम में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया और देश की स्वतंत्रता के लिए उनके योगदान को याद किया गया।

रिपोर्ट: मानव मंडल
NHP Bharat News, कोलकाता

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