रिपोर्ट: मानव मंडल
कोलकाता, पश्चिम बंगाल
कोलकाता के नेहरू चिल्ड्रन्स म्यूजियम में ‘कोलकाता कथाकाता’ टीम की ओर से ‘साईं-सबुद’ नाम से अनोखी ऑटोग्राफ एवं हस्ताक्षर प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में पत्रों, दस्तावेजों, किताबों, पोस्टर, टिकट, बुकलेट और खेल सामग्री समेत विभिन्न माध्यमों पर संग्रहित हस्ताक्षरों को प्रदर्शित किया गया।
आयोजकों के अनुसार, प्रदर्शनी को आम लोगों के साथ स्कूली विद्यार्थियों का भी अच्छा प्रतिसाद मिला। इसका उद्देश्य हस्ताक्षर संग्रह की परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और लोगों को इस तरह के संग्रह के प्रति प्रोत्साहित करना रहा।
10 वर्षों में करीब 24 प्रदर्शनियों का आयोजन
‘कोलकाता कथाकाता’ एक ऐसी संस्था है, जो विभिन्न प्रकार के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संग्रहों और परंपराओं को संरक्षित एवं प्रदर्शित करने का प्रयास करती है।
संस्था के अनुसार, पिछले करीब 10 वर्षों में भारत और विदेश में अलग-अलग विषयों पर लगभग 24 प्रदर्शनियां आयोजित की जा चुकी हैं। इसी श्रृंखला में इस बार ‘साईं-सबुद’ को विषय बनाया गया।
ऑटोग्राफ बुक से अलग दिखे हस्ताक्षर संग्रह
आयोजकों ने बताया कि पहले ऑटोग्राफ बुक में हस्ताक्षर लेने का चलन अधिक था, लेकिन समय के साथ हस्ताक्षर संग्रह के कई अलग-अलग माध्यम सामने आए।
प्रदर्शनी में पत्रों, दस्तावेजों, पुस्तकों, पोस्टर, टिकट, बुकलेट और खेल से जुड़ी वस्तुओं पर किए गए हस्ताक्षरों को शामिल किया गया। इसके माध्यम से दर्शकों को ऑटोग्राफ संग्रह के विभिन्न स्वरूपों से परिचित कराने का प्रयास किया गया।
पी.सी. सरकार जूनियर का संग्रह बना खास आकर्षण
प्रदर्शनी के प्रमुख आकर्षणों में प्रसिद्ध जादूगर पी.सी. सरकार जूनियर का विशेष हस्ताक्षर संग्रह भी शामिल रहा। आयोजकों के अनुसार, अलग-अलग समय पर सीमेंट ब्लॉकों पर तैयार किए गए उनके संग्रह को भी प्रदर्शनी में स्थान दिया गया।
प्रदर्शनी के अंतिम दिन पी.सी. सरकार जूनियर और जयश्री सरकार भी उपस्थित रहे।
कई जानी-मानी हस्तियां पहुंचीं
उद्घाटन समारोह में अभिनेता चिरंजीत चक्रवर्ती, वरुण चंदा, मल्लार घोष, पूर्व फुटबॉलर विदेश बसु, पूर्व राज्यपाल तथागत रॉय और टेक्नो इंडिया यूनिवर्सिटी की प्रो-वाइस चांसलर मानसी रॉयचौधरी सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
आयोजकों के मुताबिक, प्रदर्शनी के अलग-अलग दिनों में शतरंज खिलाड़ी दिव्येंदु बरुआ, अभिनेत्री रत्ना घोषाल, अनामिका साहा, साहित्यिक आलोचक शंकर लाल भट्टाचार्य, अभिनेता शंकर चक्रवर्ती और सुमित समद्दार सहित कला, साहित्य और संस्कृति से जुड़ी कई हस्तियों ने भी प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
कई संग्रहकर्ताओं के ऑटोग्राफ किए गए प्रदर्शित
प्रदर्शनी में ‘कोलकाता कथाकाता’ समूह से जुड़े चंद्रनाथ चटर्जी, उज्ज्वल सरदार, फाल्गुनी दत्ता रॉय, जयंत घोष, मलय सरकार, सुधींद्र कुमार चक्रवर्ती, शीर्षेंदु मुखर्जी, अरिंदम राउत, सौविक मुखर्जी, तपस बसु, उत्पल सान्याल, अरूप रॉय, ज्योर्तिमय भट्टाचार्य और अनिंद्य बंद्योपाध्याय सहित अन्य संग्रहकर्ताओं के कलेक्शन को प्रदर्शित किया गया।
आयोजकों का कहना है कि इस तरह की प्रदर्शनियों के माध्यम से पुरानी संग्रह परंपरा को संरक्षित करने के साथ नई पीढ़ी में ऑटोग्राफ एवं ऐतिहासिक दस्तावेजों के संग्रह के प्रति रुचि विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।