रिपोर्ट: मानव मंडल
कोलकाता, 15 अगस्त। देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दक्षिण कोलकाता के कुंडघाट इलाके में स्थित ऐतिहासिक अनुशीलन भवन में स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साह और देशभक्ति के माहौल में मनाया गया। इस अवसर पर भवन परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और स्वतंत्रता संग्राम में अपना योगदान देने वाले क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया।
समारोह की खास बात यह रही कि इसमें विभिन्न क्रांतिकारियों के वंशजों ने हिस्सा लिया। उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक महत्व के साथ भावनात्मक रूप भी दिया। स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से देशभक्ति, स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र के प्रति समर्पण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों के लिए मिष्ठान की व्यवस्था भी की गई।
ऐतिहासिक विरासत को संजोए हुए है अनुशीलन भवन
कोलकाता के कुंडघाट इलाके में स्थित अनुशीलन भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी ऐतिहासिक स्मृतियों और क्रांतिकारी विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। यह दो मंजिला ऐतिहासिक भवन दक्षिण कोलकाता में अशोक नगर क्षेत्र में, नेताजी (कुंडघाट) मेट्रो स्टेशन के पीछे स्थित है।
बताया जाता है कि इस भवन की स्थापना का उद्देश्य उन बुजुर्ग, असहाय और बीमार स्वतंत्रता सेनानियों तथा क्रांतिकारियों को आश्रय प्रदान करना था, जिन्हें देश की आजादी के बाद जीवन के अंतिम दौर में सहारे और देखभाल की आवश्यकता थी।
1960 में शुरू हुई थी अनुशीलन भवन की यात्रा
अनुशीलन भवन की औपचारिक यात्रा वर्ष 1960 में शुरू हुई। इसे विशेष रूप से उन स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों को आश्रय देने के उद्देश्य से विकसित किया गया था, जो 1947 में देश के विभाजन के बाद तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान, वर्तमान बांग्लादेश, से भारत आए थे और वृद्धावस्था, बीमारी अथवा आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे थे।
इस भवन को स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े श्री आशुतोष काली के प्रयासों से स्थापित किए जाने की जानकारी दी जाती है। उनका संबंध ब्रिटिश शासन के खिलाफ सक्रिय क्रांतिकारी आंदोलन से जुड़े संगठन अनुशीलन समिति से बताया जाता है। अनुशीलन समिति का बंगाल के क्रांतिकारी स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण स्थान रहा है।
स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियों के बीच फहराया गया तिरंगा
ऐसे ऐतिहासिक परिसर में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन अपने आप में विशेष महत्व रखता है। जिन क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष किया और देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उनकी स्मृतियों से जुड़े अनुशीलन भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर नई पीढ़ी को स्वतंत्रता के संघर्ष और बलिदान की याद दिलाई गई।
कार्यक्रम के दौरान देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले वीरों को नमन किया गया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से देशप्रेम और राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया गया। क्रांतिकारियों के वंशजों की भागीदारी ने स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और वर्तमान पीढ़ी के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी का काम किया।
अनुशीलन भवन में आयोजित 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह ने यह संदेश दिया कि आजादी केवल उत्सव का अवसर नहीं, बल्कि उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों और क्रांतिकारियों के संघर्ष, त्याग और बलिदान को याद करने का भी दिन है, जिनकी बदौलत भारत स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है।