करीब आधा दर्जन से अधिक आरोपों में वांछित अभियुक्त ने नवनियुक

Barabanki

करीब आधा दर्जन से अधिक आरोपों में वांछित अभियुक्त ने नवनियुक्त थाना प्रभारी को गुलदस्ता देकर किया स्वागत

Oct 12, 2026
0 Likes
0
undefined minute read
Speak Loud
 0
14px16px18px20px22px24px
Save
Likes

मसौली थाने के नवनियुक्त प्रभारी छोटे लाल के स्वागत में पहुंचा राहुल गुप्ता, पूर्व थाना प्रभारी अजय प्रकाश त्रिपाठी को भी गुलदस्ता देने की तस्वीर वायरल होने का दावा; आपराधिक मामलों और वांछित होने की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि जरूरी

बाराबंकी, उत्तर प्रदेश। जनपद बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां पॉक्सो एक्ट और गैंगस्टर एक्ट सहित कई आपराधिक मामलों में वांछित बताए जा रहे राहुल गुप्ता की पुलिस अधिकारियों को गुलदस्ता देकर स्वागत करने की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मसौली थाने के नवनियुक्त थाना प्रभारी छोटे लाल के कार्यभार संभालने के अवसर पर कुछ ग्रामीण स्वागत के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान राहुल गुप्ता ने भी थाना प्रभारी को गुलदस्ता भेंट किया।

बताया जा रहा है कि राहुल गुप्ता की तत्कालीन थाना प्रभारी अजय प्रकाश त्रिपाठी को गुलदस्ता देते हुए भी तस्वीर सामने आई है। दोनों थाना प्रभारियों के साथ कथित तस्वीरें वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली और संबंधित व्यक्ति की कानूनी स्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

उपलब्ध विवरण में पुलिस प्रेस नोट के हवाले से दावा किया गया है कि राहुल गुप्ता के खिलाफ कोतवाली नगर और मसौली थाने में करीब आधा दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं।

हालांकि संबंधित प्रेस नोट की प्रति, मुकदमों के नंबर, धाराएं और वर्तमान कानूनी स्थिति का स्वतंत्र सत्यापन अभी उपलब्ध नहीं है। इसलिए राहुल गुप्ता को वर्तमान में वांछित घोषित किए जाने के दावे की भी आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

मसौली थाने में नवनियुक्त थाना प्रभारी का हुआ स्वागत

जानकारी के अनुसार बाराबंकी जिले के मसौली थाने में हाल ही में थाना प्रभारी के पद पर बदलाव हुआ था।

मसौली थाना प्रभारी रहे अजय प्रकाश त्रिपाठी का स्थानांतरण सफदरगंज थाने के लिए किया गया।

वहीं पुलिस लाइन से छोटे लाल को मसौली थाने का नया प्रभारी बनाया गया।

नवनियुक्त थाना प्रभारी के पहुंचने पर कुछ ग्रामीण स्वागत के लिए थाने पहुंचे थे।

इसी दौरान राहुल गुप्ता के भी स्वागत कार्यक्रम में शामिल होने और गुलदस्ता भेंट करने की बात सामने आई है।

राहुल गुप्ता की गुलदस्ता देते तस्वीर वायरल होने का दावा

सोशल मीडिया पर प्रसारित बताई जा रही तस्वीर में राहुल गुप्ता को थाना प्रभारी को गुलदस्ता भेंट करते हुए दिखाए जाने का दावा किया गया है।

इस तस्वीर को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं कि यदि संबंधित व्यक्ति वास्तव में किसी मामले में वांछित है, तो उसके थाने पहुंचने पर पुलिस द्वारा क्या कार्रवाई की गई।

हालांकि तस्वीर कब और किन परिस्थितियों में ली गई, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

इसके अलावा तस्वीर में दिखाई देने वाले व्यक्तियों की पहचान और घटनाक्रम की आधिकारिक जानकारी भी आवश्यक है।

पूर्व थाना प्रभारी को भी गुलदस्ता देने की तस्वीर का दावा

मामले में यह भी बताया जा रहा है कि राहुल गुप्ता की पूर्व मसौली थाना प्रभारी अजय प्रकाश त्रिपाठी को गुलदस्ता देते हुए तस्वीर भी सामने आई है।

इस प्रकार दोनों थाना प्रभारियों के साथ कथित तस्वीरें वायरल होने से स्थानीय स्तर पर चर्चा शुरू हो गई है।

हालांकि दोनों तस्वीरें एक ही दिन की हैं या अलग-अलग अवसरों की, इस संबंध में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।

केवल किसी अधिकारी को गुलदस्ता देने की तस्वीर से किसी अनुचित संबंध या मिलीभगत का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

इसके लिए संबंधित परिस्थितियों और आधिकारिक तथ्यों की जांच जरूरी है।

पॉक्सो और गैंगस्टर एक्ट के मामलों का दावा

उपलब्ध जानकारी में दावा किया गया है कि राहुल गुप्ता के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और गैंगस्टर एक्ट जैसे कानूनों के अंतर्गत मामले दर्ज हैं।

साथ ही कोतवाली नगर और मसौली थाने में करीब आधा दर्जन आपराधिक मुकदमों का उल्लेख किया गया है।

हालांकि संबंधित मुकदमों की संख्या, धाराएं, वर्तमान स्थिति और न्यायालय में लंबित कार्यवाही का प्रमाणित विवरण अभी उपलब्ध नहीं कराया गया है।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि संबंधित व्यक्ति किन मामलों में नामजद है, किन मामलों में आरोपपत्र दाखिल हुआ है और किसी मामले में न्यायालय ने क्या आदेश दिया है।

इसलिए इन सभी तथ्यों की पुष्टि पुलिस और न्यायालय के आधिकारिक अभिलेखों से की जानी चाहिए।

वांछित होने की स्थिति पर भी उठे सवाल

मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू राहुल गुप्ता की वर्तमान कानूनी स्थिति से जुड़ा है।

उपलब्ध विवरण में उन्हें कई मामलों में वांछित बताया गया है।

हालांकि किसी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज होना और वर्तमान में किसी मामले में वांछित होना अलग-अलग कानूनी स्थितियां हैं।

किसी मामले में आरोपी को जमानत मिल सकती है, गिरफ्तारी हो चुकी हो सकती है या जांच की स्थिति बदल सकती है।

इसलिए यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि वायरल तस्वीरें लिए जाने के समय राहुल गुप्ता वास्तव में किसी सक्रिय मुकदमे में पुलिस को वांछित थे या नहीं।

पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर उठ रहे सवाल

तस्वीरें वायरल होने के दावे के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

विशेष रूप से यह पूछा जा रहा है कि यदि संबंधित व्यक्ति किसी सक्रिय मामले में वांछित था, तो पुलिस अधिकारियों के सामने पहुंचने के दौरान उसकी पहचान और कानूनी स्थिति का संज्ञान क्यों नहीं लिया गया।

हालांकि इस सवाल का उत्तर संबंधित मुकदमों के रिकॉर्ड और पुलिस अधिकारियों के आधिकारिक पक्ष से ही मिल सकेगा।

फिलहाल पुलिस द्वारा जानबूझकर किसी आरोपी को संरक्षण दिए जाने का कोई प्रमाणित तथ्य उपलब्ध नहीं है।

थाना प्रभारियों के तबादले के बाद सामने आया मामला

जानकारी के अनुसार अजय प्रकाश त्रिपाठी का मसौली थाने से सफदरगंज स्थानांतरण हुआ था।

उनके स्थान पर पुलिस लाइन से छोटे लाल को मसौली थाना प्रभारी बनाया गया।

नए थाना प्रभारी के स्वागत के दौरान राहुल गुप्ता के पहुंचने का दावा किया गया है।

इसी संदर्भ में गुलदस्ता देने वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हैं।

हालांकि थाना प्रभारियों के स्थानांतरण की तारीख और स्वागत कार्यक्रम का सही समय उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं है।

वायरल तस्वीरों की सत्यता की जांच जरूरी

सोशल मीडिया पर किसी तस्वीर के वायरल होने के बाद उससे जुड़े दावों की पुष्टि करना महत्वपूर्ण होता है।

इस मामले में भी तस्वीरों की वास्तविकता, तारीख, स्थान और उसमें मौजूद व्यक्तियों की पहचान की पुष्टि आवश्यक है।

इसके साथ ही यह स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ दर्ज मामलों की वर्तमान कानूनी स्थिति क्या है।

यदि कोई व्यक्ति वास्तव में पुलिस रिकॉर्ड में वांछित था, तो उस समय की परिस्थितियों की विभागीय समीक्षा प्रासंगिक हो सकती है।

पुलिस प्रेस नोट और मुकदमों का रिकॉर्ड महत्वपूर्ण

उपलब्ध विवरण में पुलिस प्रेस नोट का हवाला देते हुए राहुल गुप्ता के खिलाफ करीब आधा दर्जन आपराधिक मामलों का दावा किया गया है।

इस दावे की पुष्टि के लिए संबंधित प्रेस नोट और मुकदमों के आधिकारिक रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे।

मुकदमों की धाराओं, गिरफ्तारी की स्थिति, जमानत और अन्य न्यायिक आदेशों के आधार पर ही संबंधित व्यक्ति की वास्तविक कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

किसी भी आपराधिक मामले में आरोप लगना दोष सिद्ध होने के समान नहीं है।

संबंधित थाना प्रभारियों का पक्ष आना बाकी

इस पूरे मामले में मसौली थाने के नवनियुक्त प्रभारी छोटे लाल और पूर्व प्रभारी अजय प्रकाश त्रिपाठी का विस्तृत आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है।

यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित अधिकारियों को राहुल गुप्ता के खिलाफ बताए जा रहे मुकदमों या कथित वांछित स्थिति की जानकारी थी या नहीं।

इसी प्रकार तस्वीरों को लेकर पुलिस विभाग की ओर से कोई प्रमाणित स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।

संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर घटना की परिस्थितियां अधिक स्पष्ट हो सकेंगी।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी पूरी स्थिति

बाराबंकी के मसौली थाना क्षेत्र में राहुल गुप्ता की दो थाना प्रभारियों को गुलदस्ता देते हुए तस्वीरें वायरल होने के दावे ने कई सवाल खड़े किए हैं।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार राहुल गुप्ता के खिलाफ कोतवाली नगर और मसौली थाने में कई आपराधिक मामले दर्ज होने का दावा किया गया है।

साथ ही पॉक्सो और गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मामलों का भी उल्लेख किया गया है।

हालांकि इन मुकदमों की वर्तमान स्थिति और राहुल गुप्ता के वांछित होने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

ऐसे में आवश्यक है कि वायरल तस्वीरों की सत्यता, संबंधित मुकदमों के आधिकारिक रिकॉर्ड और पुलिस अधिकारियों के पक्ष के आधार पर पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट की जाए।

NHP Bharat News | मसौली, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश

Mukesh Kumar Verma
Author
Mukesh Kumar Verma
Share :