वृंदावन में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर रेलवे टिकट बुकिंग काउंटर खोलने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। इस संबंध में गरीब एकता दल ने रेल मंत्री को एक औपचारिक ज्ञापन भेजकर तत्काल कार्यवाही की अपील की है।
रेल मंत्री को भेजा गया ज्ञापन
गरीब एकता दल की ओर से 29 सितंबर 2026 को रेल मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने वृंदावन में रेलवे टिकट बुकिंग सुविधा न होने से हो रही समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है। संगठन का कहना है कि धार्मिक नगरी होने के कारण यहाँ प्रतिदिन देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं का आगमन होता है, जिन्हें आवागमन के लिए रेलवे की सेवाओं पर निर्भर रहना पड़ता है।
श्रद्धालुओं की मुश्किलें
ज्ञापन में विस्तार से बताया गया है कि मौजूदा स्थिति में तीर्थयात्रियों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है:
- तकनीकी समस्याएं: अनेक श्रद्धालु, जिनमें बुजुर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग शामिल हैं, ऑनलाइन टिकट बुकिंग में आने वाली तकनीकी दिक्कतों के कारण अक्सर परेशान होते हैं।
- अतिरिक्त आर्थिक बोझ: वृंदावन में रेलवे बुकिंग काउंटर न होने के कारण यात्रियों को टिकट बुक कराने या अन्य रेलवे संबंधी कार्यों के लिए मथुरा जंक्शन तक की यात्रा करनी पड़ती है। इससे उनका न केवल कीमती समय बर्बाद होता है, बल्कि उन पर अतिरिक्त यात्रा खर्च का बोझ भी पड़ता है।
गरीब एकता दल ने अपने ज्ञापन में तर्क दिया है कि यदि वृंदावन में ही रेलवे टिकट बुकिंग काउंटर की सुविधा उपलब्ध करा दी जाए, तो इससे श्रद्धालुओं को काफी राहत मिलेगी। इससे बुजुर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के यात्रियों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकेगा। संगठन ने रेल मंत्री से इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की पुरजोर मांग की है।
संवाददाता — तरुण शर्मा