वृंदावन की कांशीराम कॉलोनी में जर्जर भवनों को लेकर बढ़ी चिंता, खाली कराने के नोटिस पर विरोध
वृंदावन। पानीगांव संपर्क मार्ग स्थित कांशीराम आवासीय कॉलोनी के जर्जर भवनों को लेकर इन दिनों निवासियों में चिंता बढ़ गई है। नगर निगम ने सुरक्षा के मद्देनजर कॉलोनी के जर्जर भवनों पर नोटिस चस्पा कर उन्हें खाली कराने और खतरनाक हिस्सों की मरम्मत के निर्देश दिए हैं। रिपोर्टों के अनुसार करीब 736 भवनों पर नोटिस लगाए गए हैं।
कॉलोनी के कई भवनों की स्थिति खराब बताई जा रही है। निवासियों का कहना है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं और यदि मकान खाली कराए जाते हैं तो उनके सामने वैकल्पिक आवास की समस्या खड़ी हो जाएगी। इसी मुद्दे को लेकर कॉलोनीवासियों ने नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन भी किया और वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराने की मांग उठाई।
मामले की तकनीकी जांच के लिए आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की टीम ने भवनों का निरीक्षण कर सैंपल लिए हैं। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मरम्मत के लिए शासन को पत्र भेजने की बात भी सामने आई है।
22 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित निवासियों और प्रतिनिधियों ने अपर नगर आयुक्त के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। अधिकारियों ने कहा कि तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत या नए निर्माण के संबंध में निर्णय लिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर निवासियों को अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने पर भी विचार किया जाएगा।
मुख्य सवाल: करीब 15 वर्ष पुरानी इन आवासीय इमारतों की वर्तमान स्थिति कैसे बनी और इनके भविष्य को लेकर प्रशासन क्या स्थायी समाधान निकालता है—इस पर अब तकनीकी जांच की रिपोर्ट महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
नोट: यह खबर उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और अधिकारियों के कथित बयानों पर आधारित है। भवनों की वास्तविक तकनीकी स्थिति का अंतिम निष्कर्ष विशेषज्ञों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा।