वाराणसी। कर्मयोगी पीठ के पवित्र संकल्प के अंतर्गत संचालित गीता चेतना अभियान का 32वां विश्राम शुक्रवार को आर.डी. कैंपस, बावन बीघा, रिंग रोड (लमही), वाराणसी में आयोजित किया गया। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, नैतिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता कर्मयोगी गौरव मिश्र ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी केवल सरकारी नौकरी प्राप्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि युवाओं को स्वयं को समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी नेतृत्व के रूप में तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो युवा केवल रोजगार के उद्देश्य से पढ़ाई करता है, वह अपनी संभावनाओं को सीमित कर देता है, जबकि जो राष्ट्रहित और समाज सेवा की भावना के साथ आगे बढ़ता है, वही वास्तविक सफलता प्राप्त करता है।
उन्होंने कहा कि आज देश को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है, जिनमें ज्ञान के साथ-साथ आत्मविश्वास, अनुशासन, सेवा भाव, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की योग्यता और संवेदनशीलता जैसे गुण भी हों। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन प्रबंधन, सकारात्मक सोच, संघर्ष क्षमता और नेतृत्व का उत्कृष्ट मार्गदर्शक है। गीता व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों में धैर्य बनाए रखने, असफलताओं से सीखने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देती है।
व्यक्तित्व विकास पर आयोजित विशेष सत्र में गौरव मिश्र ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं केवल ज्ञान की परीक्षा नहीं होतीं, बल्कि धैर्य, मानसिक संतुलन, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण की भी परीक्षा होती हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सफलता को केवल पद, वेतन और प्रतिष्ठा से न आंकें, बल्कि अपनी शिक्षा और क्षमता का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के विकास में करें।
कार्यक्रम के दौरान गीता आधारित प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सचिन, संजना, शोभित, सत्यम और रोशनी सहित अन्य प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। साथ ही उपस्थित विद्यार्थियों के बीच श्रीमद्भगवद्गीता का वितरण किया गया, ताकि वे इसके प्रेरणादायी संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात कर सकें।
इस अवसर पर कर्मयोगी पीठ के संरक्षक राजेश मिश्र, पश्चिमी क्षेत्र संयोजक शिवशरण सिंह, कोषाध्यक्ष शिवांशु सिंह, किशन पटेल, ओमप्रकाश पाल सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के समापन पर आर.डी. कैंपस के निदेशक ज्ञानू शर्मा ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों और कर्मयोगी पीठ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं के व्यक्तित्व विकास, सकारात्मक चिंतन और नैतिक मूल्यों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के प्रेरणादायी कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।