वाराणसी के चौबेपुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार को उस समय तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब बड़ी संख्या में महिलाओं ने थाने पहुंचकर जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन किया। महिलाओं का आरोप है कि नाबालिग अपहरण एवं सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) के मामले में एक युवक को साजिश के तहत झूठा फंसाया गया है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष और साक्ष्य आधारित जांच की मांग उठाई।
जानकारी के अनुसार, चौबेपुर क्षेत्र के शंकरपुर में पिछले महीने दर्ज हुए नाबालिग अपहरण एवं दुष्कर्म मामले को लेकर युवक की मां मीना देवी के नेतृत्व में करीब 70 महिलाएं थाने पहुंचीं। उनका आरोप है कि पुरानी रंजिश और जमीन विवाद के चलते उनके बेटे करन को झूठे मुकदमे में फंसाया गया है। महिलाओं ने दावा किया कि उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों की अनदेखी कर निर्दोष युवकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
प्रदर्शन के दौरान आरोपी पक्ष की एक बुजुर्ग महिला अचानक बेहोश हो गईं, जिन्हें तत्काल एंबुलेंस के जरिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नरपतपुर भेजा गया। इस घटना के बाद कुछ समय के लिए माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
महिलाओं ने पुलिस से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी साक्ष्यों को विवेचना में शामिल किया जाए और वास्तविक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रही महिलाओं को समझाकर शांत कराया। प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र कुमार सोनकर ने बताया कि मामले की जांच एसीपी सारनाथ द्वारा की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।