बेवर/मैनपुरी। क्षेत्र में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पककर तैयार खड़ी धान की फसल तेज हवाओं के कारण जमीन पर बिछ गई है। कई खेतों में जलभराव होने से किसानों को फसल की गुणवत्ता और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका सता रही है।
किसानों के मुताबिक धान की कटाई शुरू होने में अब कुछ ही समय बाकी था। ऐसे में बारिश और हवा से फसल गिरने के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिरने का खतरा पैदा हो गया है।
कटाई से पहले ही खेतों में गिर गई धान की फसल
स्थानीय किसान मनोज सक्सेना ने बताया कि धान की फसल पककर लगभग तैयार हो चुकी थी और कुछ दिनों में कटाई शुरू होने वाली थी।
इसी बीच लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण पौधे जमीन पर गिर गए। खेतों में पानी जमा होने से गिरी हुई फसल लंबे समय तक नमी के संपर्क में रहने की आशंका है।
बालियां सड़ने और दाने खराब होने की चिंता
किसानों को डर है कि यदि खेतों से पानी जल्द नहीं निकला और बारिश जारी रही तो जमीन पर गिरी धान की बालियां प्रभावित हो सकती हैं।
लगातार नमी रहने से दानों की गुणवत्ता खराब होने, बालियों में अंकुरण और फसल को अन्य नुकसान होने का जोखिम बढ़ सकता है।
उत्पादन के साथ बाजार भाव पर भी पड़ सकता है असर
किसानों का कहना है कि फसल गिरने से कटाई में भी परेशानी हो सकती है। यदि धान की गुणवत्ता प्रभावित हुई तो उत्पादन घटने के साथ मंडी में मिलने वाले भाव पर भी असर पड़ने की आशंका है।
किसान मनोज सक्सेना के मुताबिक फसल तैयार होने तक खाद, बीज, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों पर काफी खर्च हो चुका है। ऐसे समय में मौसम की मार किसानों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन सकती है।
किसान कर रहे मौसम साफ होने का इंतजार
फिलहाल किसान बारिश थमने और खेतों में जमा पानी कम होने का इंतजार कर रहे हैं। वास्तविक नुकसान कितना हुआ है, इसका आकलन मौसम साफ होने और खेतों की स्थिति का निरीक्षण होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।