प्रयागराज। प्रयागराज से रिश्तों को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। जिस युवक को एक युवती करीब 15 वर्षों तक भाई मानकर राखी बांधती रही, उसी के साथ बाद में प्रेम विवाह करने की बात सामने आई है। शादी के बाद युवती के परिजनों की नाराजगी इस कदर बढ़ी कि पिता ने अपनी जीवित बेटी को मृत मानते हुए उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार तक कर दिया।
मामला प्रयागराज के औद्योगिक थाना क्षेत्र के तेलुआवन गांव का बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक 20 वर्षीय नंदनी पांडेय ने गांव के ही 22 वर्षीय शाश्वत गुप्ता से शादी की है। बताया जा रहा है कि शाश्वत का नंदनी के घर लंबे समय से आना-जाना था। परिवार और आसपास के लोग दोनों को भाई-बहन के रिश्ते के तौर पर देखते थे। इसी वजह से नंदनी द्वारा शाश्वत को वर्षों तक राखी बांधे जाने की बात सामने आई है।
समय बीतने के साथ दोनों के बीच कथित तौर पर प्रेम संबंध बन गए। दोनों ने परिवार की इच्छा के विपरीत शादी करने का फैसला लिया। शादी की जानकारी जब परिजनों को हुई तो परिवार में विरोध शुरू हो गया।
इसके बाद मामला उस समय और सनसनीखेज हो गया, जब नंदनी के पिता ने बेटी को अपने लिए मृत मानते हुए उसका पुतला बनाकर प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया। बताया जा रहा है कि परिवार ने नंदनी की तस्वीर के सामने ‘स्वर्गीय’ भी लिख दिया।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। एक तरफ प्रेम विवाह करने वाला दंपती है, तो दूसरी तरफ परिवार की नाराजगी खुलकर सामने आई है। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की है कि जिस युवक को परिवार वर्षों तक बेटी का भाई मानता रहा, उसी से युवती ने विवाह कर लिया।
फिलहाल मामले में दोनों पक्षों की स्थिति और पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है। घटना के पीछे के पूरे विवाद और दोनों पक्षों के बयानों से ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।