UP Vigilance Raid: रिटायर्ड ARTO के घर 13 किलो सोना, ₹1.62 करोड़ कैश बरामद

Lucknow

UP में रिटायर्ड ARTO के घर विजिलेंस का बड़ा छापा: 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी, ₹1.62 करोड़ नकद और करोड़ों की संपत्ति बरामद

Jul 9, 2026
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लखनऊ/उत्तर प्रदेश: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच विजिलेंस विभाग ने रिटायर्ड सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के लखनऊ स्थित आवास पर बड़ी छापेमारी की। करीब 26 घंटे तक चली कार्रवाई में टीम को भारी मात्रा में सोना, चांदी, नकदी, हीरे के आभूषण और करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियों के दस्तावेज मिले।

13 किलो सोना, 9 किलो चांदी और ₹1.62 करोड़ नकद बरामद

विजिलेंस टीम ने तलाशी के दौरान लगभग 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी, हीरे के आभूषण तथा करीब 1.62 करोड़ रुपये नकद बरामद किए। नकदी घर की दीवारों, पैकेटों और अलग-अलग कमरों में छिपाकर रखी गई थी। बरामद सोना-चांदी और आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 20 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

15 से अधिक संपत्तियों के दस्तावेज मिले

छापेमारी के दौरान लखनऊ, नोएडा, बाराबंकी और रायबरेली समेत कई स्थानों पर स्थित मकानों, फ्लैटों, प्लॉटों और कृषि भूमि से जुड़े दस्तावेज भी मिले। विजिलेंस के अनुसार इन अचल संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 13 करोड़ रुपये आंकी गई है।

कारें, निवेश और लाइसेंसी रिवॉल्वर भी मिला

जांच के दौरान टीम को टोयोटा इनोवा, हुंडई i20, एक लाइसेंसी रिवॉल्वर तथा बैंक, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में एक करोड़ रुपये से अधिक निवेश से जुड़े दस्तावेज भी मिले। महंगे घरेलू सामान और आलीशान जीवनशैली से जुड़े कई साक्ष्य भी बरामद किए गए।

2024 में शुरू हुई थी जांच

विजिलेंस विभाग के अनुसार ललित कुमार के खिलाफ वर्ष 2024 में भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज हुई थी। उस समय वह कानपुर में परिवहन विभाग में रीजनल इंस्पेक्टर (टेक्निकल) के पद पर तैनात थे। शिकायत के बाद ट्रांसपोर्ट कमिश्नर की अनुमति से उनकी आय और संपत्तियों की विस्तृत जांच शुरू की गई।

आय से 73.6% अधिक खर्च का आरोप

जांच में सामने आया कि ललित कुमार की वैध आय करीब 93.26 लाख रुपये थी, जबकि उनकी चल-अचल संपत्तियों और अन्य खर्चों का मूल्य करीब 1.61 करोड़ रुपये पाया गया। यानी उन्होंने अपनी वैध आय से लगभग 73.6 प्रतिशत अधिक खर्च किया। जांच एजेंसी का कहना है कि वह इस अतिरिक्त संपत्ति का संतोषजनक स्रोत नहीं बता सके।

कोर्ट के वारंट पर हुई कार्रवाई

वर्तमान में ललित कुमार लखनऊ के अलीगंज स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में रहते हैं। विजिलेंस टीम ने 7 जुलाई को न्यायालय से वारंट प्राप्त करने के बाद उनके आवास पर छापा मारा। लगभग 26 घंटे तक चली तलाशी में करोड़ों रुपये की संपत्ति और नकदी बरामद की गई।

जांच जारी

विजिलेंस विभाग बरामद नकदी, आभूषण, निवेश और संपत्तियों के दस्तावेजों की जांच कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि सभी संपत्तियों के स्रोतों की पड़ताल की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


इसी बीच सपा के पूर्व विधायक के ठिकानों पर ED की कार्रवाई

दूसरी ओर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक दीप नारायण सिंह यादव के लखनऊ और झांसी स्थित 7 ठिकानों पर भी छापेमारी की। ईडी की टीम बुधवार सुबह उनके आवास और अन्य परिसरों पर पहुंची और दस्तावेजों की जांच शुरू की। इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि "जहां चढ़ावा और चोरी का माल है, वहां छापे नहीं पड़ते।" वहीं, ईडी ने मामले की जांच जारी होने की बात कही है।

 
 
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यूपी न्यूजपुलिस कार्रवाईताजा खबर
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