UP PWD Tender Rules: 10% कम रेट पर अतिरिक्त सिक्योरिटी, खराब काम पर 2 साल डिबार

Agra

UP में कम रेट पर टेंडर लेकर काम हथियाना होगा मुश्किल, शासन ने कसे नियम; खराब गुणवत्ता पर 2 साल तक डिबार

Aug 13, 2026
1 Likes
3
undefined minute read
Speak Loud
 0
14px16px18px20px22px24px
Save
Likes

10% से अधिक कम दर पर अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी का प्रावधान, 15% से ज्यादा कम बोली लगाने वालों के दूसरे निर्माण कार्यों की भी होगी गुणवत्ता जांच

Published BY: Munna Parihar

आगरा। लोक निर्माण विभाग (PWD) के निर्माण कार्यों में अनुमानित लागत से बेहद कम दर पर टेंडर डालकर ठेका हासिल करने की होड़ पर अब शासन ने शिकंजा कस दिया है। कम कीमत पर काम लेने के बाद निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित होने की शिकायतों को देखते हुए निविदा प्रक्रिया में अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी और गुणवत्ता जांच से जुड़े कड़े प्रावधान किए गए हैं।

इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन के प्रमुख सचिव लोक निर्माण अजय चौहान की ओर से शासनादेश जारी किए जाने की जानकारी है। नई व्यवस्था के बाद अनुमानित लागत से काफी कम दर पर बोली लगाने वाले ठेकेदारों की जिम्मेदारी बढ़ जाएगी।

10% से ज्यादा कम रेट तो देनी होगी अतिरिक्त सिक्योरिटी

नई व्यवस्था में अनुमानित लागत के मुकाबले 10 प्रतिशत से अधिक कम दर पर टेंडर डालने वाले ठेकेदारों के लिए अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी का प्रावधान किया गया है।

10 से 15 प्रतिशत तक कम दर होने पर निर्धारित परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की 50 प्रतिशत अतिरिक्त राशि जमा करनी होगी।

वहीं 15 से 20 प्रतिशत तक कम दर होने पर अनुमानित लागत और निविदा दर के अंतर के आधार पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त सुरक्षा राशि जमा कराने का प्रावधान बताया गया है।

यदि ठेकेदार 20 प्रतिशत से भी अधिक कम दर पर टेंडर डालता है तो अतिरिक्त सुरक्षा राशि बढ़कर 150 प्रतिशत तक हो जाएगी।

15% से ज्यादा कम बोली तो पुराने काम भी जांच के दायरे में

शासन ने केवल अतिरिक्त सिक्योरिटी तक ही नियम सीमित नहीं रखे हैं। 15 प्रतिशत से अधिक कम दर पर टेंडर डालने वाले ठेकेदार के अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की भी जांच कराई जाएगी।

इसका उद्देश्य यह पता लगाना होगा कि संबंधित ठेकेदार ने पहले मिले निर्माण कार्यों को निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुसार पूरा किया है या नहीं।

यदि जांच में निर्माण कार्य मानकों के विपरीत पाया जाता है तो ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा सकेगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने और गड़बड़ी की पुष्टि होने पर उसे दो साल तक डिबार किया जा सकता है। संबंधित निविदा निरस्त कर दोबारा टेंडर प्रक्रिया अपनाने का भी प्रावधान बताया गया है।

दूसरे विभागों में चल रहे काम छिपाए तो 48 घंटे में देना होगा जवाब

नई व्यवस्था में ठेकेदारों द्वारा अन्य विभागों में पहले से चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी छिपाने पर भी सख्ती की गई है।

ऐसी शिकायत मिलने पर संबंधित ठेकेदार को 48 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देना होगा। जांच में तथ्य छिपाना साबित होने पर ठेकेदार को नॉन-रिस्पॉन्सिव घोषित किया जा सकेगा।

समान दर की निविदाएं प्राप्त होने की स्थिति में न्यूनतम निविदादाता के चयन के लिए रैंडमाइजेशन प्रक्रिया अपनाए जाने का प्रावधान भी किया गया है।

35% तक कम रेट डालकर ठेके लेने की रही होड़

निर्माण क्षेत्र में लंबे समय से यह सवाल उठता रहा है कि कई ठेकेदार काम हासिल करने के लिए अनुमानित लागत से काफी नीचे जाकर बोली लगाते हैं। कुछ मामलों में अनुमानित लागत से करीब 35 प्रतिशत तक कम दर पर टेंडर डालने की बात सामने आती रही है।

बेहद कम कीमत पर ठेका मिलने के बाद निर्धारित बजट में काम पूरा करने के दबाव के चलते निर्माण सामग्री, कार्यप्रणाली अथवा अन्य मानकों से समझौते की आशंका बढ़ जाती है। इसका सीधा असर सड़क, भवन और दूसरी सार्वजनिक परियोजनाओं की गुणवत्ता तथा उनकी आयु पर पड़ सकता है।

नई व्यवस्था का उद्देश्य इसी प्रवृत्ति को नियंत्रित करना बताया जा रहा है।

कम रेट नहीं, गुणवत्ता और क्षमता पर बढ़ेगा जोर

नए नियमों से ठेकेदारों के बीच केवल सबसे कम कीमत लगाने की प्रतिस्पर्धा के बजाय गुणवत्ता, वित्तीय क्षमता और बेहतर कार्य निष्पादन के आधार पर प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है।

अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी से बेहद कम दर पर काम लेने वाले ठेकेदार की वित्तीय जिम्मेदारी बढ़ेगी, जबकि पुराने कार्यों की गुणवत्ता जांच से खराब निर्माण करने वाली एजेंसियों पर कार्रवाई का रास्ता भी खुलेगा।

शासन की नई व्यवस्था का प्रभाव आगरा समेत पूरे उत्तर प्रदेश में लोक निर्माण विभाग की निविदाओं पर देखने को मिल सकता है। नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के बाद यह भी स्पष्ट होगा कि कम दर की बोली पर कितना अंकुश लगता है और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कितना सुधार आता है।

Tag :
वायरल खबर
MUNNA LAL
Author
MUNNA LAL
Share :