रिपोर्ट: छविराम यादव | उन्नाव
उन्नाव। हॉकी के जादूगर के नाम से प्रसिद्ध मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर गोसाईंखेड़ा स्थित ग्रामीण मिनी स्टेडियम में राष्ट्रीय खेल दिवस का आयोजन किया गया। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण युवाओं और खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान युवाओं को खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थित लोगों ने भारतीय हॉकी में मेजर ध्यानचंद के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर कार्यक्रम में खेल और स्वास्थ्य के साथ नशामुक्ति का संदेश भी दिया गया। खिलाड़ियों और युवाओं ने नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवन अपनाने की शपथ ली।
मेजर ध्यानचंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया नमन
कार्यक्रम की शुरुआत मेजर ध्यानचंद के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित करने के साथ हुई। इस दौरान युवाओं को मेजर ध्यानचंद के खेल जीवन, अनुशासन और भारतीय हॉकी में उनके योगदान के बारे में बताया गया।
वक्ताओं ने कहा कि मेजर ध्यानचंद का जीवन नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। खेल के प्रति उनका समर्पण और अनुशासन युवाओं को अपने लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने की सीख देता है।
युवाओं को खेलों से जुड़ने के लिए किया प्रेरित
राष्ट्रीय खेल दिवस के आयोजन का प्रमुख उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना और उन्हें शारीरिक गतिविधियों से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम में युवाओं को बताया गया कि नियमित रूप से खेल गतिविधियों में हिस्सा लेने से शरीर को स्वस्थ रखने के साथ मानसिक मजबूती भी मिलती है। खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए नियमित अभ्यास और उपलब्ध खेल सुविधाओं का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया गया।
खिलाड़ियों ने ली नशे से दूर रहने की शपथ
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा नशामुक्ति अभियान रहा। शिक्षक विद्या सागर मिश्र ने उपस्थित खिलाड़ियों और युवाओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई।
उन्होंने उत्तर प्रदेश नशामुक्ति आंदोलन के संचालक डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा के नशामुक्ति अभियान से प्रेरणा लेते हुए युवाओं से किसी भी प्रकार के नशे से दूरी बनाए रखने का आह्वान किया।
युवाओं को संदेश दिया गया कि स्वस्थ शरीर और बेहतर भविष्य के लिए नशे से दूर रहना बेहद जरूरी है। खेलों से जुड़कर युवा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगा सकते हैं।
संध्या शुक्ला बोलीं- खेल से बढ़ता है आत्मविश्वास और अनुशासन
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी संध्या शुक्ला ने युवाओं को संबोधित करते हुए खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमित खेल गतिविधियां युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करती हैं।
उन्होंने युवाओं से पढ़ाई और अन्य दैनिक गतिविधियों के साथ खेलों के लिए भी समय निकालने तथा नियमित रूप से खेल प्रतियोगिताओं और गतिविधियों में हिस्सा लेने का आह्वान किया।
ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देने पर जोर
कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। ग्रामीण इलाकों में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद होते हैं, जिन्हें उचित प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर मिलने पर वे जिला, प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकते हैं।
ग्रामीण मिनी स्टेडियम जैसे खेल परिसरों का नियमित उपयोग कर युवा अपनी प्रतिभा को निखार सकते हैं। कार्यक्रम के माध्यम से खिलाड़ियों को खेल के प्रति निरंतर मेहनत और अनुशासन बनाए रखने का संदेश दिया गया।
खेल और नशामुक्ति को एक साथ जोड़ने का संदेश
कार्यक्रम में खेल और नशामुक्ति को एक-दूसरे से जोड़ते हुए युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं को नशे जैसी बुरी आदतों से बचाने में खेल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
खेलों से जुड़ा युवा शारीरिक रूप से सक्रिय रहता है और उसमें लक्ष्य प्राप्त करने की भावना विकसित होती है। इसलिए ग्रामीण स्तर पर अधिक से अधिक युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ने की आवश्यकता है।
बड़ी संख्या में ग्रामीण युवा और खिलाड़ी रहे मौजूद
राष्ट्रीय खेल दिवस के आयोजन में ग्राम प्रधान शाहाबाद ग्रांट, ग्राम प्रधान गोसाईंखेड़ा, पीआरडी जवान संदीप, रमेश, अखिलेश और सीमा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण युवा एवं खिलाड़ी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को खेलों और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति समर्पित रहने तथा नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई।
राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम ने जहां मेजर ध्यानचंद के योगदान को याद करने का अवसर दिया, वहीं ग्रामीण युवाओं के बीच “खेल अपनाओ, स्वस्थ रहो और नशे से दूर रहो” का संदेश भी पहुंचाया।