उमरिया: ₹1-₹2 के सिक्के लेने से दुकानदार ने किया इनकार तो हो सकती है कार्रवाई

Kanpur Nagar

उमरिया: ₹1 और ₹2 के सिक्के लेने से दुकानदारों ने किया इनकार तो हो सकती है कार्रवाई, कलेक्टर राखी सहाय ने व्यापारियों से की अपील

Aug 20, 2026
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उमरिया। बाजार में खरीदारी के दौरान एक और दो रुपये के प्रचलित सिक्के लेने से इनकार करने वाले दुकानदारों और व्यापारियों को उमरिया जिला प्रशासन ने आगाह किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भारतीय मुद्रा के रूप में वैध और प्रचलन में मौजूद सिक्कों को बिना उचित कारण स्वीकार करने से इनकार करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

उमरिया कलेक्टर राखी सहाय ने जिले के दुकानदारों और व्यापारियों से ग्राहकों के साथ लेन-देन के दौरान ₹1 और ₹2 के सिक्के स्वीकार करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि प्रचलित सिक्कों को यह कहकर वापस करना कि वे अब नहीं चलते, ग्राहकों के लिए परेशानी पैदा करता है और बाजार में अनावश्यक विवाद की स्थिति भी बन सकती है।

₹1 और ₹2 के सिक्कों को लेकर बाजार में शिकायतें

कई स्थानों पर ग्राहकों को छोटे मूल्य के सिक्कों से भुगतान करते समय परेशानी का सामना करना पड़ता है। कुछ दुकानदार कथित तौर पर ₹1 और ₹2 के सिक्के लेने से इनकार कर देते हैं।

इस तरह की स्थिति में ग्राहक और दुकानदार के बीच विवाद भी हो जाता है। प्रशासन ने व्यापारियों को ऐसे व्यवहार से बचने और वैध रूप से प्रचलित मुद्रा को स्वीकार करने की सलाह दी है।

कलेक्टर राखी सहाय ने व्यापारियों से की अपील

कलेक्टर राखी सहाय ने जिले के व्यापारियों और दुकानदारों से कहा है कि वे ग्राहकों से लेन-देन करते समय भारतीय मुद्रा के प्रचलित सिक्कों को स्वीकार करें।

प्रशासन का संदेश है कि केवल अफवाह या गलत जानकारी के आधार पर किसी सिक्के को चलन से बाहर मानकर लेने से इनकार नहीं किया जाना चाहिए।

‘सिक्के नहीं चलते’ कहकर लौटाना पड़ सकता है भारी

प्रशासन ने व्यापारियों को सावधान करते हुए कहा है कि यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर प्रचलित भारतीय मुद्रा के सिक्कों को स्वीकार करने से इनकार करता है तो परिस्थितियों और लागू कानूनी प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

इस निर्देश का उद्देश्य बाजार में छोटे मूल्य के सिक्कों को लेकर पैदा होने वाली परेशानी को कम करना और ग्राहकों तथा व्यापारियों के बीच सुचारु लेन-देन सुनिश्चित करना है।

अफवाहों से बचने की जरूरत

छोटे सिक्कों को लेकर समय-समय पर यह अफवाह फैल जाती है कि किसी विशेष डिजाइन या मूल्य का सिक्का अब मान्य नहीं है। ऐसी स्थिति में दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना चाहिए।

यदि कोई सिक्का आधिकारिक रूप से प्रचलन में है तो केवल उसके डिजाइन, आकार या बाजार में कम इस्तेमाल होने के कारण उसे अमान्य नहीं माना जाना चाहिए।

ग्राहकों को भी प्रशासन को जानकारी देने की सलाह

यदि किसी ग्राहक को प्रचलित सिक्कों के इस्तेमाल को लेकर लगातार परेशानी का सामना करना पड़ता है तो मामले की जानकारी संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को दी जा सकती है।

जिला प्रशासन के संदेश के बाद अब बाजार में ₹1 और ₹2 के सिक्कों को लेकर व्यापारियों में सतर्कता बढ़ने की उम्मीद है।

Rahul Dwivedi
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Rahul Dwivedi
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