ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत सीतापुर पुलिस की प्रभावी पैरवी, बिसवां थाने में वर्ष 2018 में दर्ज हुआ था मुकदमा; विशेष न्यायालय ने सुनाया फैसला
सीतापुर। पॉक्सो एक्ट से जुड़े एक मामले में सीतापुर पुलिस की पैरवी के बाद विशेष न्यायालय ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष के कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। फैसला 9 अक्टूबर 2026 को सुनाया गया।
पुलिस के अनुसार यह मामला थाना बिसवां में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 481/2018 से संबंधित है। न्यायालय ने मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद अभियुक्त महतिया पुत्र रामलोटन, निवासी ग्राम मोचकला, थाना बिसवां, जनपद सीतापुर को पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत दोषी पाया।
वर्ष 2018 में बिसवां थाने में दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार संबंधित प्रकरण वर्ष 2018 का है।
इस मामले में थाना बिसवां में मुकदमा अपराध संख्या 481/2018 पंजीकृत किया गया था। मुकदमे की विवेचना के बाद पुलिस ने न्यायालय में आवश्यक साक्ष्य और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
मामला विशेष न्यायालय में विचाराधीन था, जहां अभियोजन और बचाव पक्ष को सुनने तथा उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद फैसला सुनाया गया।
महतिया को पॉक्सो एक्ट की धारा 8 में दोषी करार
पुलिस के मुताबिक विशेष न्यायालय ने अभियुक्त महतिया पुत्र रामलोटन, निवासी ग्राम मोचकला, थाना बिसवां को पॉक्सो एक्ट की धारा 8 के तहत दोषसिद्ध किया।
अदालत ने दोषी को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
इसके अतिरिक्त न्यायालय ने दोषी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
9 अक्टूबर को विशेष न्यायालय ने सुनाया फैसला
मामले में लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद 9 अक्टूबर 2026 को विशेष न्यायालय द्वारा फैसला सुनाया गया।
पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और न्यायालय में अभियोजन पक्ष की पैरवी के बाद दोषसिद्धि हुई।
मामला पॉक्सो एक्ट से संबंधित होने के कारण पीड़ित की पहचान अथवा पहचान उजागर करने वाली किसी भी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया गया है।
‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत हुई प्रभावी पैरवी
सीतापुर पुलिस ने इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश पुलिस के ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत की गई प्रभावी पैरवी का परिणाम बताया है।
अभियान के तहत न्यायालय में विचाराधीन आपराधिक मामलों में साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि गंभीर मामलों में विवेचना से लेकर न्यायालय में पैरवी तक लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे मामलों को प्रभावी तरीके से न्यायिक निष्कर्ष तक पहुंचाया जा सके।
एसपी अंकुर अग्रवाल के निर्देशन में पैरवी
पुलिस के अनुसार पुलिस अधीक्षक सीतापुर अंकुर अग्रवाल के निर्देशन में संबंधित मुकदमे में प्रभावी पैरवी की गई।
मामले से जुड़े साक्ष्यों और आवश्यक अभिलेखों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अभियोजन प्रक्रिया के दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा मामले की लगातार पैरवी की गई।
इसके बाद विशेष न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी तथ्यों पर विचार करते हुए अभियुक्त को दोषी करार दिया।
दोषसिद्धि के बाद तीन साल जेल और अर्थदंड
विशेष न्यायालय के फैसले के अनुसार दोषसिद्ध महतिया को तीन वर्ष का कारावास भुगतना होगा।
साथ ही न्यायालय ने उस पर 10,000 रुपये का अर्थदंड लगाया है।
इस तरह करीब आठ वर्ष पुराने मुकदमे में न्यायालय से फैसला सामने आया है।
गंभीर मामलों में पैरवी जारी रखने की बात
सीतापुर पुलिस का कहना है कि ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत गंभीर आपराधिक मामलों में दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी लगातार जारी रखी जाएगी।
पुलिस की ओर से मुकदमों की गुणवत्तापूर्ण विवेचना, साक्ष्यों के प्रभावी प्रस्तुतीकरण और अभियोजन के साथ समन्वय पर जोर दिया जा रहा है।
पुलिस प्रशासन के अनुसार न्यायालय में विचाराधीन गंभीर मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए कानूनी प्रक्रिया को प्रभावी बनाने का प्रयास जारी रहेगा।
इनपुट: सीतापुर पुलिस
NHP Bharat News | सीतापुर, उत्तर प्रदेश