शमसाबाद में आर्थिक आरक्षण और UGC संशोधन के विरोध में सवर्ण समाज का प्रदर्शन

Agra

शमसाबाद में आर्थिक आरक्षण और UGC बिल संशोधन के विरोध में सवर्ण समाज का प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे सैकड़ों लोग

Aug 26, 2026
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कुंवर युवराज परिहार के नेतृत्व में बाकलपुर से परशुराम भवन तक निकाला जुलूस, हाथों में तख्तियां लेकर की नारेबाजी; सरकार से पुनर्विचार की उठाई मांग

शमसाबाद/आगरा। आगरा के शमसाबाद क्षेत्र में बुधवार को आर्थिक आरक्षण और यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित संशोधनों के विरोध में सवर्ण समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। समाजसेवी कुंवर युवराज परिहार के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और सरकार से उनकी मांगों तथा आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान बाकलपुर से जुलूस निकाला गया, जो क्षेत्र के कई प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। आयोजकों के मुताबिक प्रदर्शन का उद्देश्य आर्थिक आरक्षण और यूजीसी से जुड़े संशोधनों को लेकर सवर्ण समाज की आपत्तियों को सरकार तक पहुंचाना था।

बाकलपुर से शुरू हुआ जुलूस

प्रदर्शन की शुरुआत आगरा रोड स्थित बाकलपुर से हुई। यहां एकत्रित होने के बाद प्रदर्शनकारी जुलूस के रूप में आगे बढ़े। जुलूस बड़ागांव, नगला बीच, धमैना चौराहा और गांधी चौराहा समेत विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा।

इसके बाद प्रदर्शनकारी राजाखेड़ा रोड स्थित गढ़ी थाना क्षेत्र में पहुंचे, जहां परशुराम भवन पर जुलूस का समापन हुआ।

इस दौरान प्रदर्शनकारी अपनी मांगों से जुड़ी तख्तियां हाथों में लिए हुए थे और नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे थे।

आर्थिक आरक्षण को लेकर उठाई आवाज

प्रदर्शन में आर्थिक आरक्षण का मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस विषय पर उनकी मांगों और चिंताओं को सुनने की अपील की।

आयोजकों का कहना था कि आर्थिक आधार और आरक्षण से संबंधित नीतियों पर निर्णय लेते समय सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखा जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने इस संबंध में सरकार से पुनर्विचार की मांग की।

UGC से जुड़े संशोधन पर भी जताया विरोध

प्रदर्शनकारियों ने यूजीसी से जुड़े प्रस्तावित संशोधनों को लेकर भी अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था और उच्च शिक्षण संस्थानों से संबंधित किसी भी महत्वपूर्ण बदलाव से पहले उससे प्रभावित पक्षों की चिंताओं और सुझावों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान इस मुद्दे को लेकर भी तख्तियां दिखाई गईं और नारेबाजी की गई।

कुंवर युवराज परिहार बोले- समाज की आपत्तियों को गंभीरता से सुने सरकार

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी कुंवर युवराज परिहार ने कहा कि यह आयोजन आर्थिक आरक्षण और यूजीसी से जुड़े संशोधनों के विरोध में किया गया है।

उन्होंने कहा कि सवर्ण समाज की आपत्तियों और मांगों को सरकार द्वारा गंभीरता से सुना जाना चाहिए। नीतिगत निर्णय लेते समय समाज के सभी वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए संतुलित फैसला किया जाना चाहिए।

परिहार ने कहा कि प्रदर्शन के माध्यम से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।

सैकड़ों लोगों की भागीदारी का दावा

आयोजकों के मुताबिक प्रदर्शन और जुलूस में क्षेत्र से सैकड़ों लोग शामिल हुए। जुलूस के आगे बढ़ने के साथ विभिन्न स्थानों से लोग इसमें शामिल होते दिखाई दिए।

प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई। आयोजकों ने कहा कि उनका उद्देश्य लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को सरकार के सामने रखना है।

सुरक्षा को लेकर पुलिस रही सतर्क

जुलूस में लोगों की संख्या को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क रहा। जुलूस के मार्ग और प्रमुख स्थानों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।

प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया और जुलूस निर्धारित मार्गों से होते हुए परशुराम भवन पहुंचकर समाप्त हुआ।

आयोजकों ने सरकार से आर्थिक आरक्षण और यूजीसी से जुड़े संशोधनों पर समाज की आपत्तियों को सुनने और उनकी मांगों पर विचार करने की अपील की है।

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