आगरा: बारिश में बुझ गई चिता, दो दिन बाद हुआ अंतिम संस्कार | शमशाबाद श्मशान घाट की बदहाली

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शमसाबाद: बारिश में बुझ गई चिता, दो दिन बाद पूरा हुआ अंतिम संस्कार; शमशान घाट पर टिन शेड न होने से उजागर हुई बदहाली

Jul 9, 2026
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Written By: Ramnivash Raghuwanshi । Published By: Shubham Chauhan

शमशाबाद (आगरा): डिजिटल युग में जहां गांव-गांव तक इंटरनेट और मोबाइल की पहुंच हो चुकी है, वहीं आगरा के शमशाबाद क्षेत्र के धिमिश्री गांव में बुनियादी सुविधाओं का अभाव एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है। श्मशान घाट पर टिन शेड और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं न होने के कारण एक महिला का अंतिम संस्कार दो दिन में पूरा करना पड़ा। लगातार बारिश के चलते पहले दिन चिता की आग बुझ गई, जिसके बाद अगले दिन दोबारा अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।

जानकारी के अनुसार, शमशाबाद क्षेत्र के धिमिश्री गांव निवासी मनोज मुखिया चक की पत्नी वीनू का बुधवार को निधन हो गया। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और ग्रामीण उन्हें अंतिम संस्कार के लिए गांव के श्मशान घाट लेकर पहुंचे।

उस समय क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही थी। काफी देर तक मौसम साफ होने का इंतजार किया गया। बाद में किसी तरह चिता को अग्नि दी गई, लेकिन तेज बारिश के कारण कुछ समय बाद चिता की आग बुझ गई और शव पूरी तरह से दाह संस्कार नहीं हो सका। अंतिम संस्कार में शामिल लोग बारिश और प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते अपने-अपने घर लौट गए।

अगले दिन दोबारा करना पड़ा अंतिम संस्कार

गुरुवार सुबह जब मृतका के परिजन श्मशान घाट पहुंचे तो उन्होंने देखा कि चिता अधजली अवस्था में थी। इसके बाद परिवार ने दोबारा लकड़ियों और कंडों की व्यवस्था की और पुनः अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में श्मशान घाटों की बदहाल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

किसान नेता ने प्रशासन पर लगाए लापरवाही के आरोप

घटना की जानकारी मिलने पर किसान नेता रामनिवास रघुवंशी राणा बाबू श्मशान घाट पहुंचे। उन्होंने मौके का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए तहसील फतेहाबाद प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।

रामनिवास रघुवंशी का कहना है कि धिमिश्री के श्मशान घाटों पर टिन शेड और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग वह पिछले एक वर्ष से लगातार अधिकारियों के समक्ष उठा रहे हैं, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक व्यवस्थाएं कर दी जातीं तो किसी परिवार को इस तरह की पीड़ा का सामना नहीं करना पड़ता।

15 हजार से अधिक आबादी, फिर भी नहीं हैं मूलभूत सुविधाएं

धिमिश्री ग्राम पंचायत ब्लॉक फतेहाबाद के अंतर्गत आती है, जहां लगभग 15 हजार से अधिक आबादी निवास करती है। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत क्षेत्र में तीन श्मशान घाट हैं, लेकिन किसी भी घाट पर टिन शेड, वर्षा से बचाव या अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार करना बेहद कठिन हो जाता है।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि धिमिश्री के सभी श्मशान घाटों पर शीघ्र टिन शेड, पक्का प्लेटफॉर्म, बैठने की व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि भविष्य में किसी भी परिवार को ऐसी दर्दनाक और असहज स्थिति का सामना न करना पड़े।

यह घटना केवल एक परिवार की पीड़ा नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में श्मशान घाटों की बदहाल स्थिति की ओर भी ध्यान आकर्षित करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए, जिससे अंतिम संस्कार जैसी संवेदनशील प्रक्रिया सम्मानपूर्वक संपन्न हो सके।

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