सिधौली: गांधौली फीडर पर ट्रांसफार्मर को सहारा देने वाला लोहा

Sitapur

सिधौली: गांधौली फीडर पर ट्रांसफार्मर को सहारा देने वाला लोहा गायब,

Oct 11, 2026
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केवलहार मजरा जयपालपुर में ट्रांसफार्मर की सुरक्षा पर उठे सवाल, ग्रामीणों का आरोप—सहारा देने वाला लोहा प्राइवेट ऑटो में भरकर ले जाया गया; बिजली विभाग से तत्काल निरीक्षण और कार्रवाई की मांग

सीतापुर/सिधौली। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले के सिधौली पावरहाउस के गांधौली फीडर अंतर्गत केवलहार मजरा जयपालपुर में बिजली के ट्रांसफार्मर की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर को सहारा देने के लिए लगाया गया लोहे का ढांचा हटा दिया गया और उसे एक प्राइवेट ऑटो में भरकर ले जाया गया। इसके बाद ट्रांसफार्मर को कथित तौर पर एंगल और तार के सहारे लटका हुआ छोड़ दिया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर की मौजूदा स्थिति आसपास रहने वाले लोगों और मवेशियों के लिए खतरा पैदा कर सकती है। उन्हें आशंका है कि यदि ट्रांसफार्मर का सहारा कमजोर हुआ या वह नीचे गिर गया, तो गंभीर दुर्घटना हो सकती है।

इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल मौके का निरीक्षण कराने, ट्रांसफार्मर को सुरक्षित तरीके से स्थापित करने और हटाए गए लोहे के संबंध में जांच कराने की मांग की है।

हालांकि लोहे को हटाने, उसे ले जाने वाले व्यक्तियों और ट्रांसफार्मर की तकनीकी स्थिति के संबंध में बिजली विभाग की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

गांधौली फीडर के केवलहार मजरा जयपालपुर का मामला

मामला सीतापुर जिले के सिधौली पावरहाउस से जुड़े गांधौली फीडर का है।

ग्रामीणों के अनुसार केवलहार मजरा जयपालपुर में लगे बिजली ट्रांसफार्मर को सहारा देने वाला लोहे का ढांचा हटा दिया गया है।

उनका आरोप है कि लोहे के सहारे को हटाने के बाद ट्रांसफार्मर को एंगल और तार के सहारे छोड़ दिया गया।

इस स्थिति को लेकर ग्रामीणों में दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

ट्रांसफार्मर को सहारा देने वाला लोहा गायब होने का आरोप

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर को सुरक्षित रखने के लिए लगाया गया पूरा लोहा मौके से हटा लिया गया।

उनके मुताबिक लोहे के इस ढांचे को एक प्राइवेट ऑटो में भरकर ले जाया गया।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि ट्रांसफार्मर की सुरक्षा के लिए लगाया गया लोहा किसके निर्देश पर हटाया गया और उसे कहां ले जाया गया।

हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि लोहे को किसी अधिकृत कार्य के तहत हटाया गया था या बिना अनुमति के ले जाया गया।

इस संबंध में विभागीय जांच आवश्यक है।

एंगल और तार के सहारे लटके होने का दावा

ग्रामीणों का कहना है कि लोहे का सहारा हटाए जाने के बाद ट्रांसफार्मर एंगल और तार के सहारे लटका हुआ है।

उनके अनुसार ऐसी स्थिति में ट्रांसफार्मर की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल पैदा हो रहे हैं।

बिजली के ट्रांसफार्मर की स्थापना और उसके सहारे की मजबूती का तकनीकी परीक्षण प्रशिक्षित विद्युत कर्मचारियों द्वारा किया जाना आवश्यक है।

फिलहाल ट्रांसफार्मर की वास्तविक तकनीकी स्थिति के बारे में बिजली विभाग की निरीक्षण रिपोर्ट उपलब्ध नहीं है।

ट्रांसफार्मर गिरने से हादसे की आशंका

ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि ट्रांसफार्मर का सहारा कमजोर हुआ तो वह गिर सकता है।

ऐसी स्थिति में आसपास रहने वाले लोगों, राहगीरों और मवेशियों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

बिजली उपकरणों के गिरने या तारों के क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में विद्युत दुर्घटना का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए विभाग को तत्काल सुरक्षा उपाय करने चाहिए।

बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता

ग्रामीणों ने विशेष रूप से बच्चों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।

उनका कहना है कि ट्रांसफार्मर के आसपास आने-जाने वाले लोगों को खतरे से बचाने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए।

जब तक बिजली विभाग की तकनीकी टीम ट्रांसफार्मर की स्थिति की जांच कर उसे सुरक्षित घोषित नहीं कर देती, तब तक लोगों को उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए।

बच्चों और मवेशियों को भी ट्रांसफार्मर तथा उससे जुड़े तारों के पास जाने से रोकना जरूरी है।

प्राइवेट ऑटो में लोहा ले जाने पर उठे सवाल

ग्रामीणों के आरोप के अनुसार ट्रांसफार्मर का सहारा देने वाला लोहा एक प्राइवेट ऑटो में भरकर ले जाया गया।

इस कथित घटना को लेकर ग्रामीणों ने कई सवाल उठाए हैं।

उनका कहना है कि यदि लोहा विभागीय कार्य के लिए हटाया गया था, तो इसकी जानकारी स्पष्ट की जानी चाहिए।

ग्रामीणों ने यह भी जानना चाहा है कि लोहे को हटाने के लिए किस अधिकारी या कर्मचारी ने निर्देश दिए थे।

हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

बिजली विभाग से तत्काल निरीक्षण की मांग

ग्रामीणों ने सिधौली पावरहाउस और संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।

उनका कहना है कि विभाग की तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर ट्रांसफार्मर की स्थिति का निरीक्षण करे।

यदि सहारा कमजोर या असुरक्षित पाया जाता है, तो उसे निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुसार ठीक कराया जाए।

ग्रामीणों ने मांग की है कि संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय प्राथमिकता के आधार पर किए जाएं।

गायब लोहे के मामले की जांच कराने की मांग

ग्रामीणों ने ट्रांसफार्मर को सहारा देने वाले लोहे के कथित रूप से हटाए जाने की जांच कराने की भी मांग की है।

उनका कहना है कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि लोहा किस उद्देश्य से हटाया गया और उसे कहां ले जाया गया।

यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित व्यक्तियों की जिम्मेदारी निर्धारित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

हालांकि अभी किसी व्यक्ति या कर्मचारी की जिम्मेदारी आधिकारिक रूप से तय नहीं हुई है।

विद्युत सुरक्षा को लेकर जरूरी सावधानियां

बिजली के ट्रांसफार्मर और उससे जुड़े उपकरणों के आसपास विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है।

यदि किसी ट्रांसफार्मर का सहारा कमजोर दिखाई दे, तार ढीले हों या उपकरण असुरक्षित स्थिति में नजर आएं, तो लोगों को उसके नजदीक नहीं जाना चाहिए।

विशेष रूप से निम्न सावधानियां जरूरी हैं:

  • ट्रांसफार्मर और उससे जुड़े तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

  • बच्चों और मवेशियों को ट्रांसफार्मर के आसपास न जाने दें।

  • किसी भी बिजली के तार, एंगल या अन्य उपकरण को छूने का प्रयास न करें।

  • ट्रांसफार्मर को स्वयं ठीक करने या सहारा देने की कोशिश न करें।

  • तार टूटने या ट्रांसफार्मर गिरने की आशंका होने पर तुरंत बिजली विभाग को सूचना दें।

  • आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और संबंधित आपातकालीन सेवाओं से सहायता लें।

ग्रामीणों ने जिम्मेदारी तय करने की उठाई मांग

ग्रामीणों का कहना है कि यदि ट्रांसफार्मर का सहारा हटाया गया है तो इसकी पूरी जानकारी सामने आनी चाहिए।

उन्होंने मांग की है कि बिजली विभाग मामले की निष्पक्ष जांच कराए और सुरक्षा संबंधी कमियों को तत्काल दूर करे।

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि किसी दुर्घटना के होने का इंतजार करने के बजाय पहले ही आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।

विभागीय पक्ष और तकनीकी जांच का इंतजार

इस मामले में ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों के संबंध में बिजली विभाग का आधिकारिक पक्ष फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि ट्रांसफार्मर के सहारे में बदलाव किसी निर्धारित विभागीय कार्य के तहत किया गया था या नहीं।

इसके अलावा ट्रांसफार्मर की वास्तविक स्थिति और संभावित खतरे का आकलन विभागीय तकनीकी जांच के बाद ही किया जा सकेगा।

संबंधित विभाग का पक्ष सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

हादसे से पहले सुरक्षा इंतजाम करने की अपील

सीतापुर जिले के सिधौली क्षेत्र में गांधौली फीडर के अंतर्गत केवलहार मजरा जयपालपुर में ट्रांसफार्मर की स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर चिंता जताई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर को सहारा देने वाला लोहा प्राइवेट ऑटो में भरकर ले जाया गया और ट्रांसफार्मर एंगल तथा तार के सहारे लटका छोड़ दिया गया।

उन्होंने बिजली विभाग से तत्काल निरीक्षण, सुरक्षित स्थापना और मामले की जांच कराने की मांग की है।

फिलहाल प्राथमिक आवश्यकता यह है कि संबंधित तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर ट्रांसफार्मर की सुरक्षा सुनिश्चित करे, ताकि किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सके।

NHP Bharat News | सिधौली, सीतापुर, उत्तर प्रदेश

Shubham Awasthi
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Shubham Awasthi
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