सीतापुर: तीन साल से वृद्धावस्था पेंशन के लिए भटक रहा ग्रामीण

Sitapur

सीतापुर: वृद्धावस्था पेंशन के लिए 3 साल से दफ्तरों के चक्कर काट रहे तरुण कुमार, हर बार आश्वासन मिलने का आरोप

Sep 28, 2026
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सीतापुर। जिले के विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम केवलहार के मजरा जयपालपुर निवासी तरुण कुमार ने वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ नहीं मिलने को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि वह पिछले करीब तीन वर्षों से पेंशन स्वीकृत कराने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।

तरुण कुमार का कहना है कि उन्होंने पेंशन के लिए आवश्यक आवेदन और प्रक्रियाएं पूरी कर दी हैं। इसके बावजूद आवेदन किस स्तर पर लंबित है और पेंशन क्यों स्वीकृत नहीं हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी उन्हें नहीं मिल पा रही है।

तीन साल से पेंशन के लिए प्रयास करने का दावा

तरुण कुमार के मुताबिक उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन के लिए करीब तीन वर्ष पहले प्रक्रिया शुरू की थी। इसके बाद आवेदन की स्थिति जानने और पेंशन शुरू कराने के लिए वह संबंधित ब्लॉक कार्यालय के कई चक्कर लगा चुके हैं।

उनका आरोप है कि बार-बार कार्यालय जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया।

हर बार आश्वासन देकर लौटाने का आरोप

पीड़ित ग्रामीण का कहना है कि जब भी वह संबंधित कार्यालय पहुंचते हैं, उन्हें समस्या के समाधान का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन इसके बाद भी पेंशन शुरू नहीं हुई।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से उनके आवेदन की वर्तमान स्थिति की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि आवेदन किस वजह से लंबित है अथवा किसी स्तर पर कोई दस्तावेज या अन्य प्रक्रिया अधूरी है।

आर्थिक तंगी के बीच पेंशन से सहारे की उम्मीद

तरुण कुमार का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है और वृद्धावस्था पेंशन उनके दैनिक जीवन की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहारा बन सकती है।

तीन वर्ष से प्रयास करने के बावजूद पेंशन नहीं मिलने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों से जांच और समाधान की मांग

तरुण कुमार ने संबंधित विभाग और प्रशासन से मामले का संज्ञान लेकर उनके आवेदन की जांच कराने और पात्रता व नियमों के अनुसार पेंशन योजना का लाभ दिलाने की मांग की है।

फिलहाल संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष उपलब्ध नहीं है। तरुण कुमार के आवेदन की वास्तविक स्थिति, पात्रता और पेंशन स्वीकृत न होने का कारण विभागीय रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

 

Shubham Awasthi
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Shubham Awasthi
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