सीतापुर में संदना थाना क्षेत्र के पिपरी बाबा मंदिर के पुजारी

Sitapur

सीतापुर में संदना थाना क्षेत्र के पिपरी बाबा मंदिर के पुजारी धनीराम की मौत की गुत्थी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद

Oct 5, 2026
0 Likes
1
undefined minute read
Speak Loud
 0
14px16px18px20px22px24px
Save
Likes

सीतापुर। संदना थाना क्षेत्र के पिपरी बाबा मंदिर के पुजारी धनीराम की मौत का रहस्य पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद भी पूरी तरह नहीं सुलझ सका है। रविवार को डॉक्टरों के पैनल से कराए गए पोस्टमार्टम में मौत का कारण पानी में डूबना बताया गया है। हालांकि शव के हाथ-पैर बंधे मिलने की जानकारी के कारण पुलिस के सामने कई सवाल बने हुए हैं। शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिलने की बात सामने आई है। पुलिस हत्या, हादसे और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

ग्राम सेमौरी निवासी 62 वर्षीय धनीराम वर्ष 2010 से पिपरी बाबा मंदिर में रहकर पूजा-पाठ करते थे। जानकारी के अनुसार 29 सितंबर को श्रद्धालु मंदिर पहुंचे तो पुजारी वहां मौजूद नहीं थे। आसपास तलाश करने के बाद भी उनका पता नहीं चला। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई और गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की गई।

पुजारी के लापता होने के करीब तीन दिन बाद 2 अक्टूबर को उनका शव गोमती नदी से बरामद हुआ। शव मिलने के बाद उस समय मामला और संदिग्ध हो गया, जब पुजारी के हाथ-पैर बंधे होने की जानकारी सामने आई। पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

रविवार को डॉक्टरों के पैनल से कराए गए पोस्टमार्टम में प्रारंभिक रूप से पानी में डूबने को मौत का कारण बताया गया। शरीर पर चोट के निशान नहीं मिलने की बात भी सामने आई है। इसके बावजूद हाथ-पैर बंधे होने के कारण पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धनीराम गोमती नदी तक कैसे पहुंचे और उनके हाथ-पैर किन परिस्थितियों में बंधे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने से मौत सामने आने का अर्थ अपने आप यह साबित नहीं करता कि मामला हादसा था। इसी तरह हाथ-पैर बंधे मिलना अपने आप हत्या की अंतिम पुष्टि भी नहीं है। इसलिए पुलिस घटनाक्रम की परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अंकुर अग्रवाल ने चार पुलिस टीमों को जांच में लगाया है। पुलिस टीमें मंदिर और आश्रम से जुड़े लोगों, वहां आने वाले श्रद्धालुओं और पुजारी के संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों से पूछताछ कर रही हैं। इसके साथ ही 29 सितंबर को उनके लापता होने से लेकर 2 अक्टूबर को शव मिलने तक की गतिविधियों की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पुजारी को आखिरी बार कब और किसके साथ देखा गया था। उनके संपर्क में आए लोगों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की मदद से घटनाक्रम को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रभारी निरीक्षक प्रिंस सोनकर के अनुसार मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पुलिस जांच पूरी होने और संबंधित साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पुजारी धनीराम की मौत किन परिस्थितियों में हुई और उनके हाथ-पैर बंधे होने के पीछे क्या कारण था।

 

Raju Kumar
Author
Raju Kumar
Share :