सीतापुर। कुतुबनगर क्षेत्र में बुखार की दवा लेने पहुंचे 50 वर्षीय रामचंद्र की इंजेक्शन लगने के कुछ देर बाद तबीयत बिगड़ने और मौत होने के मामले में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। शनिवार को अधिकारियों की संयुक्त टीम ने दीपेश मेडिकल स्टोर को सील कर दिया। मृतक के परिजनों का आरोप है कि मेडिकल स्टोर पर इंजेक्शन लगाए जाने के बाद रामचंद्र की हालत बिगड़ी थी। हालांकि मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
मामले की जांच के लिए उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज देशमणि, एसडीएम मिश्रिख दीपक गुप्ता, सीएचसी अधीक्षक प्रखर श्रीवास्तव और जिला औषधि निरीक्षक अनीता कुरील कुतुबनगर पहुंचे। अधिकारियों की टीम ने दो घंटे से अधिक समय तक मेडिकल स्टोर और मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की।
जांच के दौरान मेडिकल स्टोर बंद मिला। अधिकारियों ने स्टोर संचालक से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नियमानुसार मेडिकल स्टोर को सील कर दिया। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार रामपुर भूड़ा निवासी 50 वर्षीय रामचंद्र बुधवार को बुखार होने के कारण दीपेश मेडिकल स्टोर पर गए थे। परिजनों का आरोप है कि वहां उन्हें एक इंजेक्शन लगाया गया। इंजेक्शन लगने के कुछ समय बाद रामचंद्र की तबीयत अचानक बिगड़ गई और बाद में उनकी मौत हो गई।
रामचंद्र की मौत के बाद नाराज परिजनों ने मेडिकल स्टोर के बाहर शव रखकर विरोध जताया था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति संभालते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल यह चिकित्सकीय रूप से स्थापित नहीं हुआ है कि रामचंद्र की मौत इंजेक्शन के कारण ही हुई। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की जांच जारी है। मेडिकल स्टोर से संबंधित लाइसेंस, दवाओं और अन्य आवश्यक तथ्यों की भी जांच की जा सकती है। जांच पूरी होने तक इंजेक्शन और मौत के बीच सीधे संबंध को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।