सीतापुर। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत शिविरों के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों तक सहायता सामग्री पहुंचाई जा रही है। इसी क्रम में बिसवां क्षेत्र के जंगीराबाद राहत शिविर में शनिवार को बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को राशन किट, त्रिपाल और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। राहत सामग्री मिलने के बाद लाभार्थी परिवारों ने जिला प्रशासन का आभार जताया।
राहत शिविर में पहुंचे ग्रामीणों को दैनिक जरूरतों से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई गई। बाढ़ और जलभराव के कारण प्रभावित परिवारों के लिए राशन और त्रिपाल जैसी सामग्री मिलने से उन्हें कुछ राहत मिली। लाभार्थियों ने कहा कि मुश्किल समय में प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सहायता उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है।
दूसरी ओर, जंगीराबाद राहत शिविर के आसपास स्थित धामी सराय, विरिहा पुरवा और गोधनी समेत कई गांवों के ग्रामीणों ने राहत सामग्री नहीं मिलने की शिकायत की है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव भी बाढ़ और जलभराव से प्रभावित हैं, लेकिन अभी तक कई परिवारों को राहत सूची में शामिल नहीं किया गया है।
ग्रामीणों के अनुसार बाढ़ के पानी से खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर रास्तों की स्थिति खराब होने से लोगों को आवागमन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि प्रभावित होने के बावजूद राहत सामग्री नहीं मिलने से परिवारों में निराशा है।
राहत से वंचित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि धामी सराय, विरिहा पुरवा, गोधनी और आसपास के अन्य बाढ़ प्रभावित गांवों का सर्वे कराया जाए। सर्वे के आधार पर पात्र और प्रभावित परिवारों को राहत सूची में शामिल कर राशन किट, त्रिपाल और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।
ग्रामीणों ने बाढ़ के कारण फसलों को हुए नुकसान का भी आकलन कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जिन किसानों की फसलें बाढ़ के पानी में डूबकर प्रभावित हुई हैं, उनका सर्वे कर नियमानुसार किसान सहायता राशि और अन्य सरकारी राहत दिलाई जाए।
फिलहाल जंगीराबाद राहत शिविर में चिन्हित लाभार्थियों को राहत सामग्री वितरित की जा रही है। वहीं आसपास के गांवों के वंचित ग्रामीणों को राहत सूची में शामिल किए जाने और सर्वे संबंधी मांग पर प्रशासन की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इसका इंतजार है।