सीतापुर। भारी बारिश, तेज आंधी और तूफान से फसलों को हुए नुकसान के बाद भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने प्रभावित किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग उठाई है। संगठन के जिलाध्यक्ष मयंक सिंह चौहान के नेतृत्व में पदाधिकारी जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और किसानों की समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
संगठन ने दावा किया कि कई किसानों की फसलें 70 से 80 प्रतिशत तक प्रभावित हुई हैं। भाकियू ने प्रशासन से खेतों का निष्पक्ष और पारदर्शी सर्वे कराकर वास्तविक नुकसान का आकलन करने तथा पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की है।
हाल की भारी बारिश और तेज हवाओं से सीतापुर के विभिन्न इलाकों में धान, उड़द समेत अन्य फसलों को नुकसान की रिपोर्टें सामने आई हैं। कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़ी एक रिपोर्ट में भी आंधी से धान और गन्ने की फसल गिरने तथा पैदावार प्रभावित होने की बात कही गई है।
खेत-खेत जाकर सर्वे कराने की मांग
ज्ञापन में भाकियू टिकैत ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित खेतों का मौके पर जाकर सर्वे कराया जाए, ताकि किसानों को हुए वास्तविक नुकसान का सही आकलन हो सके।
संगठन का कहना है कि सर्वे प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और कोई भी पात्र किसान राहत से वंचित नहीं रहना चाहिए।
70 से 80 प्रतिशत फसल नुकसान का आंकड़ा संगठन का दावा है, जिसकी आधिकारिक पुष्टि प्रशासनिक सर्वे के बाद ही हो सकेगी।
मुआवजे के साथ कर्ज राहत और फसल बीमा की मांग
भाकियू टिकैत ने फसल क्षति के मुआवजे के साथ किसानों के कर्ज में राहत/कर्जमाफी का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पात्र और प्रभावित किसानों को नियमानुसार बीमा राशि उपलब्ध कराने की मांग की गई।
जिलाध्यक्ष मयंक सिंह चौहान ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के कारण प्रभावित किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में प्रशासन को वास्तविक नुकसान का आकलन कर जल्द राहत उपलब्ध करानी चाहिए।
कई पदाधिकारी रहे मौजूद
ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश सचिव उमेश पांडे, मंडल उपाध्यक्ष अरुण शुक्ला, महासचिव एडवोकेट पंकज वर्मा, संगठन मंत्री अनिकेत सिंह, उपाध्यक्ष नरेंद्र बाबा, युवा जिलाध्यक्ष सरदार सरबजीत सिंह, दीपू जायसवाल और जिला सचिव प्यारेलाल यादव समेत संगठन के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संगठन ने प्रशासन से फसल क्षति का जल्द सर्वे पूरा कराने और पात्र किसानों तक राहत पहुंचाने की मांग की है।