सरस्वती कॉलेज ऑफ फार्मेसी में माइक्रोबायोम और प्रिसीजन मेडिसिन पर राष्ट्रीय सम्मेलन, देशभर से 300 से अधिक प्रतिभागी जुटे
हापुड़ (मनीष कुमार)। सरस्वती कॉलेज ऑफ फार्मेसी, हापुड़ में ‘माइक्रोबायोम आधारित चिकित्सीय उपचार: प्रिसीजन मेडिसिन के लिए उभरते अवसर’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देशभर से शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, फार्मेसी विशेषज्ञों, विद्यार्थियों और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों ने हिस्सा लिया।
राष्ट्रीय सम्मेलन को उत्तर प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (CST-UP), विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित किया गया।
आयोजकों के मुताबिक, सम्मेलन में देशभर से 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान माइक्रोबायोम आधारित चिकित्सा, प्रिसीजन मेडिसिन, फार्मास्युटिकल रिसर्च और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में विकसित हो रही नई संभावनाओं पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ सम्मेलन का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित करके की गई। इस अवसर पर सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के महाप्रबंधक एन. वर्धराजन, निदेशक रघुवर दत्त और मेडिकल सुपरिंटेंडेंट मेजर जनरल सी.एस. अहलुवालिया उपस्थित रहे।
अतिथियों ने सम्मेलन के विषय की वैज्ञानिक और चिकित्सीय प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए माइक्रोबायोम अनुसंधान को भविष्य की चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण बताया।
डॉ. नितिन कुमार ने निभाई अध्यक्ष एवं संयोजक की भूमिका
फार्मेसी विभाग के प्राचार्य डॉ. नितिन कुमार सम्मेलन के अध्यक्ष एवं संयोजक रहे। उन्होंने अतिथियों और आमंत्रित वक्ताओं का स्वागत करते हुए सरस्वती कॉलेज ऑफ फार्मेसी की शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध गतिविधियों और भविष्य की अनुसंधान योजनाओं की जानकारी दी।
सम्मेलन की सह-संयोजक फार्माकोलॉजी विभाग की प्रोफेसर डॉ. निधि त्यागी रहीं।
फार्मेसी शिक्षा और मेडिकल डिवाइस के भविष्य पर भी चर्चा
सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया की वित्त समिति के अध्यक्ष एवं एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज, मेरठ के फार्मेसी विभागाध्यक्ष ने सहभागिता की।
उन्होंने माइक्रोबायोम आधारित दवाओं और चिकित्सीय उपचार में उभरते अवसरों के साथ फार्मेसी शिक्षा में संभावित नए पाठ्यक्रमों और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र में बढ़ रही संभावनाओं पर विद्यार्थियों से जानकारी साझा की।
जामिया हमदर्द के डॉ. जावेद अली ने दिया विशेषज्ञ व्याख्यान
मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. जावेद अली, विभागाध्यक्ष, फार्मास्युटिकल साइंसेज विभाग, स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, जामिया हमदर्द, नई दिल्ली ने विशेषज्ञ व्याख्यान दिया।
उन्होंने माइक्रोबायोम और मानव स्वास्थ्य के बीच संबंध, माइक्रोबायोम आधारित चिकित्सीय उपचार, प्रिसीजन मेडिसिन तथा फार्मास्युटिकल अनुसंधान के वैज्ञानिक पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
विशेषज्ञों ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति के शरीर में मौजूद सूक्ष्मजीवों के समुदाय यानी माइक्रोबायोम को बेहतर तरीके से समझने से भविष्य में व्यक्ति विशेष की जैविक विशेषताओं के अनुरूप उपचार विकसित करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
कई संस्थानों के विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
राष्ट्रीय सम्मेलन में विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं व्यावसायिक संस्थानों से विशेषज्ञ वक्ताओं ने भी हिस्सा लिया।
इनमें डॉ. राजीव टोंक (दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी), डॉ. शौकेंद्र कुमार (सुभारती यूनिवर्सिटी) और डॉ. गौरव कैथवास प्रमुख रूप से शामिल रहे।
विशेषज्ञों ने फार्मास्युटिकल साइंसेज, माइक्रोबायोम रिसर्च, प्रिसीजन मेडिसिन और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में विकसित हो रहे नए वैज्ञानिक दृष्टिकोणों पर चर्चा की।
20 से अधिक Oral और 60 से ज्यादा Poster Presentations
आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन में देशभर से 300 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें 20 से अधिक प्रतिभागियों ने मौखिक प्रस्तुतियां, जबकि 60 से अधिक प्रतिभागियों ने पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने शोधकार्य और वैज्ञानिक विचार प्रस्तुत किए।
सम्मेलन के माध्यम से विद्यार्थियों और शोधार्थियों को विशेषज्ञों से संवाद करने तथा अपने शोध विचारों को साझा करने का अवसर मिला।
अभिषेक त्यागी ने मौखिक प्रस्तुति में हासिल किया पहला स्थान
मौखिक प्रस्तुति प्रतियोगिता में जामिया हमदर्द के शोधार्थी अभिषेक त्यागी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
सरस्वती कॉलेज ऑफ फार्मेसी, हापुड़ के बी.फार्मा चतुर्थ वर्ष के अफजल खान और शगुन ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
पोस्टर प्रस्तुति में विनीत चौधरी प्रथम
पोस्टर प्रस्तुति प्रतियोगिता में सरस्वती कॉलेज ऑफ फार्मेसी के बी.फार्मा चतुर्थ वर्ष के विनीत चौधरी ने प्रथम स्थान हासिल किया।
आर.एस.डी. एकेडमी कॉलेज ऑफ फार्मेसी, मुरादाबाद के उमंग गौर और मानव मिश्रा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को उनके शोधकार्य और प्रस्तुतियों के लिए सम्मानित किया गया।
शिक्षकों और विद्यार्थियों ने निभाई अहम भूमिका
कार्यक्रम का संचालन फार्मेसी विभाग के सहायक आचार्य डिपेश और नेहा वर्मा ने किया।
सम्मेलन को सफल बनाने में डॉ. नेहा सिंह, डॉ. सुप्रियो मैती, डॉ. रश्मि शर्मा, डिपेश, प्रशांत सरस्वत, मनीष, खुर्शीद, विशाल, अजय, योगेश, मोहित, संजय, अनुज और शादाब समेत संस्थान के शिक्षकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने योगदान दिया।
धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन प्रोफेसर डॉ. अरुण कुमार के धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ।
सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. जे. रामचंद्रन और उपाध्यक्ष डॉ. रम्या रामचंद्रन ने सम्मेलन के सफल आयोजन पर शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने माइक्रोबायोम आधारित चिकित्सा, प्रिसीजन मेडिसिन और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं जैसे उभरते क्षेत्रों में अनुसंधान एवं अकादमिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलनों को महत्वपूर्ण बताया।
रिपोर्ट: मनीष कुमार | NHP Bharat, Hapur