संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने के अभियान के तहत प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। संभल तहसील क्षेत्र के वाजिदपुर सराय गांव में करीब 14 बीघा ग्राम समाज की जमीन को कब्जामुक्त कराया गया। राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची, जमीन की पैमाइश कराई और कब्जे वाली भूमि पर खड़ी फसल पर ट्रैक्टर चलवाकर जमीन को प्रशासनिक कब्जे में ले लिया।
मामला गांव के गाटा संख्या 84 और 110 से जुड़ा है। प्रशासन के अनुसार यह भूमि ग्राम समाज की थी, लेकिन राजस्व अभिलेखों में कुछ निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज हो गए थे। मामला एसडीएम न्यायालय पहुंचने के बाद अभिलेखों की जांच और सुनवाई की गई।
SDM कोर्ट के आदेश के बाद बदला राजस्व रिकॉर्ड
मामले की सुनवाई के बाद 4 अगस्त को एसडीएम विकास चंद्र ने निजी भू-स्वामियों के नाम हटाकर संबंधित भूमि को ग्राम समाज के नाम दर्ज करने का आदेश दिया।
इस आदेश के बाद राजस्व रिकॉर्ड में भूमि को दोबारा ग्राम समाज के नाम दर्ज करने का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद प्रशासन ने जमीन को मौके पर भी कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की।
तहसीलदार ने बनाई टीम, पुलिस बल के साथ पहुंचा प्रशासन
एसडीएम के आदेश के बाद तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने कार्रवाई के लिए टीम गठित की। नायब तहसीलदार अरविंद कुमार के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ वाजिदपुर सराय गांव पहुंची।
मौके पर पहले संबंधित जमीन की पैमाइश की गई। इसके बाद कब्जे वाली भूमि पर खड़ी फसल को ट्रैक्टर के माध्यम से हटाकर जमीन को कब्जामुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल भी मौजूद रहा।
गाटा संख्या 84 और 110 की करीब 14 बीघा भूमि
नायब तहसीलदार अरविंद कुमार के मुताबिक वाजिदपुर सराय में गाटा संख्या 84 और 110 की श्रेणी-5 की जमीन पर कुछ लोगों का कब्जा था। प्रशासन ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए करीब 14 बीघा भूमि को कब्जामुक्त कराकर अपने कब्जे में ले लिया है।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी एवं ग्राम समाज की जमीनों से अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई लगातार की जा रही है। वाजिदपुर सराय में हुई कार्रवाई को भी इसी अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है।
जमीन पर फ्लैटेड फैक्ट्री परिसर बनाने की तैयारी
करीब 14 बीघा जमीन को कब्जामुक्त कराने के बाद अब इसके भविष्य में उपयोग की तैयारी भी शुरू हो गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सरकार की ओर से इस भूमि पर फ्लैटेड फैक्ट्री परिसर विकसित करने की योजना है।
ऐसे में लंबे समय से विवाद और कब्जे के आरोपों में घिरी जमीन को पहले राजस्व अभिलेखों में ग्राम समाज के नाम वापस दर्ज करने और फिर भौतिक रूप से कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रशासनिक कार्रवाई के बाद जमीन अब प्रशासन के कब्जे में बताई गई है। आगे प्रस्तावित परियोजना को लेकर संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार प्रक्रिया पूरी किए जाने की उम्मीद है।