संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। एक निजी स्कूल के मुख्य गेट पर बना छज्जा अचानक भरभराकर गिर गया। मलबे की चपेट में आने से 8 वर्षीय निजामुद्दीन की मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चे घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना का CCTV फुटेज भी सामने आने की जानकारी है।
हादसा असमोली थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव में शनिवार सुबह करीब 10 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि स्कूल में ध्वजारोहण के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम चल रहा था। कार्यक्रम देखने के लिए आसपास के घरों के बच्चे भी स्कूल पहुंचे थे।
इसी दौरान कुछ बच्चे स्कूल के मुख्य गेट पर बने छज्जे के ऊपर चढ़ गए। बताया जा रहा है कि अधिक भार पड़ने के बाद छज्जा अचानक गिर गया और नीचे मौजूद बच्चे मलबे की चपेट में आ गए।
मलबे में दबे बच्चों को लोगों ने निकाला
हादसा होते ही स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों और स्कूल से जुड़े लोगों ने तत्काल मलबा हटाकर दबे बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया।
परिजनों के अनुसार, हादसे में निजामुद्दीन (8), सैफ अली (11) और शैदाना (10) घायल हुए। तीनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने निजामुद्दीन को मृत घोषित कर दिया। सैफ अली और शैदाना का इलाज चल रहा है।
तीसरी कक्षा में पढ़ता था निजामुद्दीन
फतेहपुर गांव निवासी मोहम्मद नईम किसान हैं। परिवार में उनकी दो बेटियां फातिमा और उमामा तथा बेटा निजामुद्दीन था। परिजनों के मुताबिक, निजामुद्दीन लिटिल चिल्ड्रन पब्लिक स्कूल में तीसरी कक्षा का छात्र था।
बताया गया कि शनिवार को वह अपने स्कूल जाने के बजाय चचेरे भाइयों के स्कूल में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम देखने चला गया था। वह सुबह करीब 9 बजे घर से निकला था।
निजामुद्दीन के चाचा मोहम्मद सुभान के मुताबिक, परिवार के बच्चे हाथों में झंडा लेकर कार्यक्रम देखने गए थे। कार्यक्रम के दौरान कुछ बच्चे छज्जे के ऊपर खड़े थे। अचानक छज्जा गिरने से निजामुद्दीन समेत कई बच्चे उसकी चपेट में आ गए।
कार्यक्रम छोड़कर घटनास्थल पहुंचे DM-SP
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। SDM विकास चंद्र, CO असमोली अमन सिंह और थाना प्रभारी सुधीर पंवार ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली।
इसके बाद DM अंकित खंडेलवाल और SP कृष्ण कुमार बिश्नोई भी पुलिस लाइन में चल रहा कार्यक्रम छोड़कर घटनास्थल पहुंचे। BSA अलका शर्मा ने भी मौके पर पहुंचकर स्कूल और हादसे से संबंधित जानकारी ली।
DM बोले- परिवार को दिलाई जाएगी मदद
डीएम अंकित खंडेलवाल के अनुसार, निजी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम चल रहा था। आसपास के कुछ बच्चे स्कूल के छज्जे पर चढ़ गए थे, जबकि आठ वर्षीय बच्चा नीचे खड़ा था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बच्चों का अधिक भार पड़ने के कारण छज्जा गिर गया और नीचे खड़े बच्चे की दबने से मौत हो गई।
डीएम ने बताया कि हादसे में दो अन्य बच्चों को चोटें आई हैं और उनका इलाज कराया जा रहा है। पीड़ित परिवार को नियमानुसार सरकारी सहायता दिलाने की बात भी कही गई है।
SP बोले- करीब 19-20 साल पुरानी है बिल्डिंग
एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के मुताबिक, स्कूल की बिल्डिंग करीब 19 से 20 साल पुरानी बताई गई है। प्रारंभिक जानकारी में बच्चों के छज्जे पर चढ़ने के कारण अधिक भार पड़ने और उसके बाद छज्जा गिरने की बात सामने आई है।
एसपी के अनुसार, परिवार को सरकार की ओर से मिलने वाली सहायता दिलाने का आश्वासन दिया गया है। दोनों घायल बच्चों का उपचार कराया जा रहा है।
पिता ने कार्रवाई से किया इनकार
बच्चे की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतक के पिता ने फिलहाल स्कूल के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई कराने से इनकार किया है। उनके मुताबिक, वह सरकार से भी किसी तरह की मांग नहीं कर रहे हैं।
हालांकि, हादसे के कारणों और स्कूल भवन की स्थिति से जुड़े तथ्यों की पुष्टि संबंधित विभागों की जांच के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
स्कूल में मौजूद थे करीब 600 लोग
जानकारी के मुताबिक, स्कूल करीब 19 साल पुराना है। बताया गया है कि लगभग पांच साल पहले इसे बीटीयू पब्लिक स्कूल के नाम से जाना जाता था, जबकि वर्तमान में इसकी मान्यता अल हसनैन पब्लिक स्कूल के नाम से बताई गई है। स्कूल के मैनेजर मास्टर मोहम्मद उवैस बताए गए हैं।
स्कूल परिसर में आठ कमरे हैं और यहां पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई होती है। स्कूल में सात शिक्षक और करीब 400 छात्र-छात्राएं होने की जानकारी दी गई है।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय स्कूल स्टाफ, बच्चों और कार्यक्रम में पहुंचे अन्य लोगों को मिलाकर करीब 600 लोग परिसर में मौजूद थे। छज्जे पर चढ़े बच्चे कथित तौर पर इस स्कूल के विद्यार्थी नहीं थे और स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम देखने पहुंचे थे।
CCTV फुटेज से हादसे की परिस्थितियां हो सकती हैं स्पष्ट
घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद हादसे के समय की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है। प्रशासनिक स्तर पर स्कूल भवन, छज्जे की स्थिति और कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था जैसे पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।
स्वतंत्रता दिवस के उत्साह के बीच हुई आठ वर्षीय बच्चे की मौत से परिवार और गांव में शोक का माहौल है।