सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण के बाद अब एक नया घटनाक्रम सामने आया है। रविवार को मलबा हटाने के दौरान जमीन के नीचे ईंटों से बना एक गहरा कुआं मिला है। कुआं सामने आने के बाद प्रशासन ने इसकी जांच कराने की बात कही है।
एक दिन पहले, 5 सितंबर को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को हटाने की कार्रवाई की गई थी। इसके बाद मलबा साफ करने का काम चल रहा था। इसी दौरान ढांचे के नीचे कुआं मिलने की जानकारी सामने आई।
मलबा हटाते समय दिखाई दिया कुआं
ध्वस्तीकरण के बाद प्रशासन की निगरानी में मलबा हटाया जा रहा था। इसी दौरान जमीन के नीचे बना कुआं दिखाई दिया।
शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक कुआं ईंटों से निर्मित है और उसके ऊपर संरचना बनी हुई थी। कुएं की वास्तविक गहराई, चौड़ाई और उसके निर्माण के समय को लेकर अभी आधिकारिक जांच पूरी नहीं हुई है।
SDM सदर ने की कुआं मिलने की पुष्टि
एसडीएम सदर सुबोध कुमार ने कुआं मिलने की पुष्टि की है। प्रशासन के मुताबिक संबंधित तकनीकी एजेंसियों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कुआं कितना पुराना है, इसकी वास्तविक संरचना क्या है और इसका इतिहास क्या रहा है।
कुआं किस समय बनाया गया और इसका पहले किस उद्देश्य से इस्तेमाल होता था, इसे लेकर फिलहाल कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
5 सितंबर को हुई थी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को लेकर लंबे समय से प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया चल रही थी। सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने जुलाई में सरकारी जमीन पर कब्जे से संबंधित मामले में बेदखली का आदेश दिया था।
इस फैसले के खिलाफ अपील की गई, जिसे जिला अदालत ने 2 सितंबर को खारिज कर दिया। इसके बाद 5 सितंबर की सुबह प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।
कार्रवाई के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात रहा।
कुएं के इतिहास को लेकर बढ़ी उत्सुकता
ध्वस्त ढांचे के नीचे कुआं मिलने के बाद अब इसके इतिहास को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। यह कुआं कितना पुराना है और मस्जिद के निर्माण से इसका क्या संबंध था, इसका जवाब जांच के बाद ही मिल सकेगा।
प्रशासन ने फिलहाल किसी ऐतिहासिक अथवा पुरातात्विक निष्कर्ष की पुष्टि नहीं की है। संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद कुएं से जुड़ी स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
NHP Bharat इस मामले से जुड़े प्रशासनिक अपडेट पर नजर बनाए हुए है।