सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में शनिवार सुबह कलेक्ट्रेट परिसर स्थित पुरानी मस्जिद के ढांचे को हटाने के लिए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई शुरू की। भारी पुलिस और सुरक्षा बल की मौजूदगी में बुलडोजर एवं अन्य मशीनों से ध्वस्तीकरण किया गया। प्रशासन ने कलेक्ट्रेट परिसर के प्रवेश द्वारों पर सुरक्षा कड़ी कर बाहरी लोगों की आवाजाही भी नियंत्रित की।
कार्रवाई से पहले शुक्रवार रात मस्जिद को गिराए जाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं और अफवाहें फैलती रहीं। शनिवार तड़के प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया।
इस बीच मस्जिद प्रकरण को लेकर सहारनपुर जाने की तैयारी कर रहीं कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन को पुलिस ने उनके आवास से बाहर निकलने से रोक दिया। उनके आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
सुबह से कलेक्ट्रेट परिसर में बुलडोजर कार्रवाई
शनिवार अलसुबह कलेक्ट्रेट परिसर में प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण शुरू किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए परिसर के पांचों गेट सील किए जाने और RAF समेत अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए जाने की जानकारी सामने आई।
कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाके में पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई, ताकि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो।
प्रशासन का दावा- सरकारी जमीन पर था निर्माण
मामला कलेक्ट्रेट परिसर की जमीन और वहां बने धार्मिक ढांचे की वैधता से जुड़ा है। सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने 16 जुलाई 2026 के आदेश में संबंधित भूमि को सरकारी मानते हुए निर्माण को अनधिकृत माना था और बेदखली का आदेश दिया था।
इस फैसले के खिलाफ मस्जिद पक्ष की ओर से जिला अदालत में अपील की गई थी। जिला अदालत ने अपील खारिज करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट के आदेश को बरकरार रखा। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की।
DIG ने बताई कार्रवाई की वजह
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित मस्जिद को सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा सरकारी जमीन पर अवैध पाया गया था। इस आदेश के खिलाफ मस्जिद कमेटी की ओर से अपील की गई, लेकिन अपील खारिज होने के बाद निर्माण हटाने की कार्रवाई की जा रही है।
सहारनपुर जाने से पहले रोकी गईं इकरा हसन
ध्वस्तीकरण के बीच मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। कैराना से सपा सांसद इकरा हसन सहारनपुर जाने की तैयारी में थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें कैराना स्थित आवास से बाहर नहीं निकलने दिया।
उनके घर के बाहर पुलिस बल तैनात किया गया। मीडिया रिपोर्टों में इसे हाउस अरेस्ट बताया गया है। इकरा हसन ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल भी उठाए हैं।
अन्य नेताओं की गतिविधियों पर भी पुलिस की नजर
मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर विरोध की आशंका के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर है। विपक्षी नेताओं की सहारनपुर आवाजाही और संभावित विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है।
मामला संवेदनशील होने के कारण सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचनाओं और अफवाहों पर भी प्रशासन की नजर है।
मस्जिद कितनी पुरानी? अलग-अलग दावे
कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद की उम्र को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ मीडिया रिपोर्टों में इसे करीब 70 साल पुरानी, जबकि कुछ में इससे काफी पुरानी बताया गया है। ऐसे में मस्जिद की सटीक आयु को स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए बिना निश्चित रूप से 100 या 150 साल पुरानी कहना उचित नहीं होगा।
फिलहाल प्रशासन अदालती आदेश के आधार पर कार्रवाई किए जाने की बात कह रहा है। वहीं इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।