संभल: तमन्ना मलिक और अमन त्यागी को एसडीएम कोर्ट का नोटिस, ₹20 हजार का मुचलका

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संभल: तमन्ना मलिक और अमन त्यागी को एसडीएम कोर्ट का नोटिस, ₹20 हजार के मुचलके से किया पाबंद

Aug 4, 2026
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संभल। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में महाशिवरात्रि के दौरान बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा को लेकर चर्चा में आईं तमन्ना मलिक और उनके पति अमन त्यागी को एसडीएम कोर्ट ने नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने और संभावित कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए दोनों को 20,000 रुपये के मुचलके से पाबंद करने की कार्रवाई की है।

जानकारी के अनुसार, प्रशासन को सूचना मिली थी कि तमन्ना मलिक सावन माह में भी बुर्का पहनकर कांवड़ यात्रा निकालने की तैयारी कर रही हैं। इसके बाद शांति भंग होने की आशंका के मद्देनजर एसडीएम कोर्ट की ओर से दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकने के उद्देश्य से की गई है। दोनों को नोटिस जारी कर निर्धारित राशि के मुचलके पर पाबंद किया गया है।

गौरतलब है कि बीते महाशिवरात्रि पर तमन्ना मलिक ने कथित रूप से हरिद्वार से लगभग 170 किलोमीटर की पैदल कांवड़ यात्रा कर संभल स्थित क्षेमनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया था। इस दौरान उन्होंने बुर्का पहन रखा था, जिसे लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न स्तरों पर चर्चा और विवाद हुआ था।

तमन्ना मलिक ने उस समय आरोप लगाया था कि जलाभिषेक के बाद उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से धमकियां मिली थीं, जिसके संबंध में उन्होंने पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई थी। इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए प्रशासन इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।

बताया जाता है कि तमन्ना मलिक ने करीब साढ़े तीन वर्ष पहले अमन त्यागी से विवाह किया था। उनके अनुसार, विवाह सफल होने की मन्नत पूरी होने पर उन्होंने कांवड़ यात्रा कर भगवान शिव का जलाभिषेक किया था। इस घटना पर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई थीं।

फिलहाल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है।

नोट: इस समाचार में तमन्ना मलिक और उनके पति से जुड़े दावे उपलब्ध प्रशासनिक जानकारी एवं सार्वजनिक बयानों पर आधारित हैं। नोटिस जारी किया जाना एहतियाती कानूनी कार्रवाई है और इससे किसी अपराध का निष्कर्ष नहीं निकाला जाना चाहिए।

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