Agra के अछनेरा विकास खंड क्षेत्र स्थित रुनकता ग्राम पंचायत के जगरैला मोहल्ले में रास्ते की दुर्दशा को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। वर्षों पुरानी सड़क और जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने अछनेरा विकास खंड कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं का आक्रोश उस समय और बढ़ गया जब ग्राम पंचायत सचिव वीरेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने ग्राम पंचायत सचिव वीरेंद्र सिंह की गाड़ी को घेर लिया और विरोध स्वरूप उनकी गाड़ी पर चूड़ियां फेंक दीं। स्थिति कुछ देर के लिए तनावपूर्ण हो गई। मौके पर मौजूद किसान नेताओं के हस्तक्षेप के बाद हालात सामान्य हुए और सचिव वहां से निकल सके।
बताया जा रहा है कि ग्राम पंचायत सचिव वीरेंद्र सिंह और क्षेत्रीय लेखपाल ने मौके पर पहुंचकर रास्ते की समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की, लेकिन फिलहाल कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद हैं, जो विकास खंड परिसर में बैठकर भजन और मंगल गीत गाते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही हैं। वहीं शाम होते ही महिलाएं वहीं खाना बनाने में जुट जाती हैं, जबकि पुरुष धरनास्थल पर खाने-पीने की व्यवस्था संभाल रहे हैं। किसान नेता और ग्रामीण रात में भी विकास खंड कार्यालय परिसर में डटे हुए हैं।
जगरैला मोहल्ले में सैकड़ों दलित और पिछड़े समाज के परिवार पिछले 25 से 30 वर्षों से निवास कर रहे हैं। मुख्य मार्ग तक पहुंचने का उनका एकमात्र रास्ता बरसात के मौसम में 5 से 6 फुट तक पानी में डूब जाता है, जिससे लोगों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि अब तक वे निजी जमीन के रास्ते से निकलते थे, लेकिन हाल ही में जमीन मालिक ने वह रास्ता बंद कर दिया है। ऐसे में बरसात शुरू होते ही पूरे मोहल्ले के लोगों के घरों में कैद होने का खतरा बढ़ गया है।
किसान मजदूर नेता चौधरी दिलीप सिंह, धीरज सिकरवार, आशा धाकरे, सुमन सिकरवार, बाबूलाल वाल्मीकि, मुकेश सविता और सोनू माहौर ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि जब तक ग्रामीणों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही उन्होंने अगले दिन तहसील मुख्यालय किरावली के घेराव की भी घोषणा की है।