रायबरेली। फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में समाजवादी छात्र सभा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं के बीच शुरू हुआ विवाद गुरुवार को एसपी कार्यालय तक पहुंच गया। दोनों पक्षों के प्रदर्शन और नारेबाजी के बीच हालात तनावपूर्ण हो गए। पुलिस ने भीड़ को एसपी कार्यालय परिसर से हटाया। इस दौरान पुलिस और सपा कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और बल प्रयोग के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।
सपा नेताओं का आरोप है कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज और मारपीट की। हरचंदपुर से सपा विधायक राहुल लोधी ने भी पुलिस पर उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस ने लाठीचार्ज के आरोप से इनकार किया है।
फिरोज गांधी कॉलेज से शुरू हुआ विवाद
मामला गुरुवार को फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में समाजवादी छात्र सभा के सदस्यता अभियान के दौरान शुरू हुआ। यहां ABVP और समाजवादी छात्र सभा के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। कहासुनी के बाद मामला नारेबाजी और धक्का-मुक्की तक पहुंच गया।
विवाद के दौरान सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव और शहर कोतवाली प्रभारी शिव शंकर सिंह के बीच भी तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद मामला और बढ़ गया।
SP ऑफिस पहुंचे सपा कार्यकर्ता, फिर बढ़ा तनाव
कॉलेज में हुए घटनाक्रम के बाद सपा कार्यकर्ता पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे। इसी दौरान ABVP के कार्यकर्ता भी एसपी कार्यालय के बाहर एकत्र हो गए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने और नारेबाजी के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं को एसपी कार्यालय से बाहर करना शुरू किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को खदेड़ते दिखाई दे रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में लात-घूंसे और थप्पड़ों से मारने की बात भी सामने आई है।
विधायक राहुल लोधी ने लगाया मारपीट का आरोप
घटनास्थल पर हरचंदपुर विधायक राहुल लोधी और बछरावां विधायक श्याम सुंदर भारती भी पहुंचे थे। रिपोर्टों के मुताबिक दोनों विधायकों के साथ धक्का-मुक्की हुई। राहुल लोधी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ मारपीट की।
घटना के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया और शहर कोतवाली प्रभारी को हटाने की मांग उठाई।
पुलिस ने लाठीचार्ज के आरोप से किया इनकार
मामले पर रायबरेली के एसपी रवि कुमार का पक्ष भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि ABVP और समाजवादी छात्र सभा के बीच विवाद के बाद धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ था और पुलिस ने स्थिति को शांत कराया। उन्होंने कहा कि इस दौरान किसी को धक्का लग सकता है, लेकिन “लाठी फटकारने” जैसी बात से इनकार किया।
इस तरह घटना में पुलिस बल प्रयोग की सीमा को लेकर सपा नेताओं और पुलिस के बयानों में अंतर है। वायरल वीडियो के साथ पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।