हापुड़/सिकंदराबाद। राष्ट्रीय सैनिक संस्था का 19वां राष्ट्रीय अधिवेशन 21 सितंबर 2026 को तेलंगाना के सिकंदराबाद में आयोजित किया जाएगा। अधिवेशन में देश के विभिन्न हिस्सों से पूर्व सैनिक, संस्था के पदाधिकारी और अन्य प्रतिनिधि शामिल होंगे। कार्यक्रम का मुख्य विषय “विकसित भारत 2047 को सफल बनाने में पूर्व सैनिकों एवं देशभक्त नागरिकों की भूमिका” रखा गया है।
अधिवेशन में शामिल होने के लिए राष्ट्रीय सैनिक संस्था की हापुड़ जिला इकाई का प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष मुकेश त्यागी के नेतृत्व में तेलंगाना के लिए रवाना हो गया है।
विकसित भारत 2047 में पूर्व सैनिकों की भूमिका पर होगा मंथन
संस्था की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक अधिवेशन के दौरान पूर्व सैनिकों के अनुभव, अनुशासन और सामाजिक भागीदारी को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जोड़ने सहित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
आयोजकों का कहना है कि कार्यक्रम का उद्देश्य पूर्व सैनिकों के अनुभव का समाज और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों में उपयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करना है।
राज्यपाल समेत कई प्रमुख अतिथियों के शामिल होने का कार्यक्रम
संस्था की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार प्रातःकालीन सत्र में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला और दोपहर के सत्र में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का कार्यक्रम बताया गया है।
इसके अलावा संस्था ने कर्नल तेजेंद्र पाल त्यागी (वीर चक्र), आचार्य डॉ. लोकेश मुनि, स्वामी चिदानंद सरस्वती, एयर मार्शल राहुल भसीन, राजन छिब्बर, मेजर जनरल जी. श्रीनिवास और लेफ्टिनेंट जनरल के. रविप्रकाश सहित कई लोगों की प्रस्तावित उपस्थिति की जानकारी दी है।
मुकेश त्यागी के नेतृत्व में हापुड़ से प्रतिनिधिमंडल रवाना
हापुड़ जिला इकाई के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व जिलाध्यक्ष मुकेश त्यागी कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में शशांक मुनि त्यागी, ज्ञानेंद्र त्यागी, मुकेश प्रजापति और श्याम वर्मा शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडल से जुड़े सदस्यों ने कहा कि अधिवेशन पूर्व सैनिकों के अनुशासन और अनुभव को विकसित भारत 2047 के संकल्प से जोड़ने के विषय पर विचार-विमर्श का मंच बनेगा।
‘राष्ट्र सर्वप्रथम’ की भावना के साथ काम करने की कही बात
राष्ट्रीय सैनिक संस्था से जुड़े पदाधिकारियों के मुताबिक संगठन ‘राष्ट्र सर्वप्रथम’ की भावना के साथ पूर्व सैनिकों और समाज के विभिन्न वर्गों को राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों में भागीदारी के लिए प्रेरित करने का प्रयास करता है।
21 सितंबर को होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में विभिन्न सत्रों के माध्यम से इसी विषय पर चर्चा और विचारों का आदान-प्रदान किए जाने का कार्यक्रम है।
नोट: मुख्य अतिथियों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति संबंधी विवरण आयोजक संस्था द्वारा जारी कार्यक्रम पर आधारित हैं।