चित्रकूट जनपद में 19 वर्षीय देवा दुबे के निधन के बाद राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (R.A.M.) के संस्थापक एवं पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने उनके आवास पर पहुंचकर शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। उन्होंने देवा दुबे के पिता और अन्य परिजनों से बातचीत कर संवेदना व्यक्त की तथा निधन से जुड़ी परिस्थितियों की स्वतंत्र, निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई।
इस दौरान राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट विश्वदीप अवस्थी, चित्रकूट जिलाध्यक्ष शिव शंकर त्रिपाठी और संगठन के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। प्रतिनिधियों ने परिवार को सांत्वना दी और मामले में तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर न्यायसंगत कार्रवाई की मांग की।
परिजनों का आरोप है कि देवा दुबे कथित रूप से झूठे मुकदमों और मानसिक प्रताड़ना के कारण तनाव में थे। परिवार ने दावा किया कि इन परिस्थितियों ने उनके जीवन पर गंभीर प्रभाव डाला। हालांकि, संबंधित मुकदमों का प्रमाणित विवरण और कथित प्रताड़ना के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। मृत्यु की परिस्थितियों तथा इन आरोपों के बीच किसी संबंध का आधिकारिक निष्कर्ष भी सामने नहीं आया है।
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा ने मांग की कि जांच में मृत्यु से जुड़े घटनाक्रम, परिजनों के आरोपों, संबंधित अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों का निष्पक्ष परीक्षण किया जाए। संगठन का कहना है कि जांच में यदि किसी व्यक्ति की जिम्मेदारी सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। पदाधिकारियों ने जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
परिवार से मुलाकात के दौरान संगठन ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग का समर्थन करते रहने का आश्वासन दिया। फिलहाल उपलब्ध विवरण में पुलिस या प्रशासन की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। उच्चस्तरीय जांच का आदेश जारी हुआ है या नहीं, इसकी भी पुष्टि नहीं है। आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही मृत्यु की परिस्थितियों और परिवार के आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।