बस्ती। छावनी पुलिस ने खेतों से पंपिंग सेट चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को भी हिरासत में लिया गया है। आरोपितों के कब्जे से चोरी का पंपसेट, घटना में प्रयुक्त हुंडई वर्ना कार और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
घटना का विवरण और गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, मलौली दूबे गांव में सड़क किनारे स्थित एक खेत से पंपिंग सेट चोरी होने के मामले में 28 सितंबर को मु.अ.सं. 198/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान मिली सूचना पर पुलिस टीम ने 28 सितंबर की रात करीब 8:25 बजे पचवस प्राथमिक विद्यालय के पास से आरोपितों को धर दबोचा।
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान लक्की सिंह (निवासी पड़ेरिया), राकेश कुमार, दीपक सिंह और आयुष सिंह (सभी निवासी नेतवरपट्टी, थाना छावनी) के रूप में हुई है। इनके साथ एक बाल अपचारी को भी हिरासत में लेकर किशोर न्याय कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
दिन में रेकी और रात में वारदात
पूछताछ में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य दिन में ट्रक चालक और क्लीनर के रूप में सक्रिय थे। वे दिन में ही खेतों में लगे पंपिंग सेटों की रेकी कर उन्हें चिन्हित कर लेते थे। इसके बाद रात के समय हुंडई वर्ना कार (संख्या UP32EQ4027) से मौके पर पहुंचकर पंपिंग सेट खोलकर वाहन में लाद लेते थे। आरोपितों ने बताया कि वे चोरी के सामान को बेचकर मिली रकम आपस में बांट लेते थे। इसके अतिरिक्त, जहां पंपिंग सेट नहीं मिलते थे, वहां ये गिरोह सड़क किनारे खड़े वाहनों की स्टेपनी चोरी करने की घटनाओं को भी अंजाम देते थे। आरोपितों ने मुंडेरवा और कोतवाली क्षेत्र में भी चोरी की घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की है।
आपराधिक इतिहास और पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि सरगना लक्की सिंह के खिलाफ वर्ष 2020 में मारपीट और धमकी देने का मामला दर्ज था। साथ ही, वर्ष 2026 में छावनी, मुंडेरवा और कोतवाली थानों में उसके विरुद्ध चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं। अन्य आरोपितों का भी संबंधित थानों में आपराधिक इतिहास पाया गया है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह के आदेश, अपर पुलिस अधीक्षक श्यामकांत के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी छावनी स्वर्णिमा सिंह के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक राणा देवेन्द्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में की गई। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक राधेश्याम यादव, उपनिरीक्षक रामकुमार पासवान, कांस्टेबल राजीव रंजन, अभिषेक सिंह और सिल्लू जायसवाल शामिल रहे। पुलिस अब संबंधित थानों से जानकारी जुटाकर आगे की विवेचनात्मक कार्रवाई कर रही है।