पावर हाउस बेलतुआ क्षेत्र में विद्युत विभाग की कार्यशैली पर उ

Lakhimpur Kheri

पावर हाउस बेलतुआ क्षेत्र में विद्युत विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने दी धरना-प्रदर्शन की चेतावनी

Oct 9, 2026
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भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के बाद गिरे बिजली के पोल, कई गांवों में आपूर्ति बाधित; ग्रामीणों का आरोप—सड़क पर पड़े हाईटेंशन तार बने खतरा

लखीमपुर खीरी। प्राकृतिक आपदा और भारी बारिश के बाद पावर हाउस बेलतुआ से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है। ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर बिजली के पोल गिर गए हैं और 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन के तार सड़कों एवं गांवों के मुख्य रास्तों पर पड़े हुए हैं। एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कई गांवों में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बहाल नहीं हो सकी है।

लंबे समय से बिजली न मिलने और क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों को दुरुस्त नहीं किए जाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि सड़क पर पड़े बिजली के तार केवल विद्युत आपूर्ति की समस्या नहीं हैं, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बने हुए हैं।

सड़क पर पड़े 11 हजार वोल्ट के तार, हादसे का सता रहा डर

ग्रामीणों के मुताबिक बारिश और खराब मौसम के कारण कई स्थानों पर बिजली के पोल क्षतिग्रस्त होकर गिर गए। इसके साथ ही हाईटेंशन लाइन के तार भी सड़क और रास्तों पर आ गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि किसी तकनीकी गड़बड़ी या अन्य कारण से इन तारों में अचानक विद्युत प्रवाह शुरू हो गया तो बड़ा हादसा हो सकता है।

इन रास्तों से प्रतिदिन ग्रामीणों, किसानों, बच्चों और वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में सड़क पर पड़ी विद्युत लाइन को लेकर लोगों में भय बना हुआ है।

एक सप्ताह से अधिक समय बाद भी पूरी तरह बहाल नहीं हुई बिजली

ग्रामीणों का आरोप है कि प्राकृतिक आपदा के कारण विद्युत व्यवस्था प्रभावित होने के बाद एक सप्ताह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक पावर हाउस बेलतुआ से जुड़े सभी गांवों में बिजली व्यवस्था सामान्य नहीं हो सकी है।

कुछ स्थानों पर मरम्मत और आपूर्ति बहाली का काम हुआ है, लेकिन कई ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी बिजली संकट बना हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग को सबसे पहले सड़क पर पड़े क्षतिग्रस्त पोल और तारों को सुरक्षित कर विद्युत आपूर्ति बहाल करनी चाहिए।

खमरिया पंडित की बिजली बहाल, बेलतुआ के कई गांव अभी भी प्रभावित

जानकारी के अनुसार खमरिया पंडित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है, लेकिन पावर हाउस बेलतुआ से जुड़े कई ग्रामीण इलाकों में अभी भी विद्युत व्यवस्था सुचारू नहीं हो सकी है।

इससे प्रभावित गांवों के लोगों में नाराजगी है। ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं कि जब आसपास के कुछ क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था बहाल की जा सकती है तो बेलतुआ पावर हाउस से जुड़े गांवों में मरम्मत कार्य में इतनी देरी क्यों हो रही है।

फतेहपुर से चौखड़िया तक कई गांव बिजली संकट से परेशान

ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार पावर हाउस बेलतुआ के अंतर्गत आने वाले फतेहपुर, लाखुन, परसिया, सजावलपुर, मदराबेहड़, फूलपुर, गोनिया, गोनिया खुर्द, आमितिया, गौर और चौखड़िया समेत कई गांव विद्युत आपूर्ति बाधित होने से प्रभावित बताए जा रहे हैं।

इन गांवों में बिजली की समस्या के कारण दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि लंबे समय तक बिजली न आने से घरों के साथ खेती और अन्य आवश्यक कार्यों पर भी असर पड़ रहा है।

मोबाइल चार्ज करने से बच्चों की पढ़ाई तक प्रभावित

लगातार बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

लोगों का कहना है कि मोबाइल फोन चार्ज करने जैसी सामान्य जरूरत भी मुश्किल हो गई है। शाम और रात के समय बिजली न होने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

घरेलू कामकाज के साथ बिजली पर निर्भर अन्य आवश्यक गतिविधियां भी प्रभावित हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहने से समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप—मरम्मत में हो रही देरी

ग्रामीणों का कहना है कि भारी बारिश और प्राकृतिक आपदा के कारण विद्युत लाइन और पोल क्षतिग्रस्त होना असामान्य बात नहीं है, लेकिन उनका आरोप है कि एक सप्ताह से अधिक समय गुजरने के बाद भी व्यवस्था पूरी तरह ठीक नहीं किया जाना विभागीय लापरवाही को दर्शाता है।

हालांकि मरम्मत में देरी के कारणों को लेकर विद्युत विभाग का पक्ष उपलब्ध नहीं है। विभागीय प्रतिक्रिया सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

क्षेत्रीय विधायक विनोद शंकर अवस्थी से शिकायत का दावा

ग्रामीणों का दावा है कि बिजली समस्या को लेकर क्षेत्रीय विधायक विनोद शंकर अवस्थी से भी कई बार शिकायत की जा चुकी है।

ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

इस दावे पर विधायक या उनके कार्यालय की प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

बिजली बहाल नहीं हुई तो पावर हाउस पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी

विद्युत व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों ने अब आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि विद्युत विभाग ने समय रहते क्षतिग्रस्त पोल और तारों की मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की तो पावर हाउस बेलतुआ के सामने बड़ा धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

ग्रामीणों ने कहा कि वह लंबे समय से बिजली व्यवस्था सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। अब जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।

डीएम लखीमपुर खीरी से लिखित शिकायत की तैयारी

ग्रामीणों ने मामले को जिला प्रशासन तक पहुंचाने की भी तैयारी शुरू कर दी है। उनका कहना है कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी को लिखित शिकायत दी जाएगी।

शिकायत में लंबे समय से बाधित बिजली आपूर्ति के साथ सड़क और सार्वजनिक रास्तों पर पड़े बिजली के पोल एवं हाईटेंशन तारों से उत्पन्न खतरे की जानकारी प्रशासन को दी जाएगी।

सबसे बड़ी चिंता—सड़क पर पड़े हाईटेंशन तारों की सुरक्षा

विद्युत आपूर्ति बाधित होने के साथ ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता सड़क पर पड़े तारों को लेकर है।

ग्रामीणों का कहना है कि 11 हजार वोल्ट की लाइन से जुड़े तार यदि सार्वजनिक रास्ते पर पड़े हैं तो संबंधित विभाग को प्राथमिकता के आधार पर क्षेत्र को सुरक्षित करना चाहिए।

लोगों ने विद्युत विभाग से क्षतिग्रस्त पोल और तारों को तत्काल सुरक्षित करने, आवश्यक मरम्मत कराने और प्रभावित गांवों की विद्युत आपूर्ति जल्द बहाल करने की मांग की है।

विभागीय पक्ष का इंतजार

ग्रामीणों की ओर से विद्युत विभाग पर लापरवाही के आरोप लगाए गए हैं, लेकिन इस संबंध में विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष अभी उपलब्ध नहीं है।

ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि पूरे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति बहाल करने में कितना समय लगेगा और सड़क पर पड़े क्षतिग्रस्त तारों एवं पोलों को हटाने या दुरुस्त करने के लिए विभाग ने क्या कार्ययोजना तैयार की है।

फिलहाल फतेहपुर, लाखुन, परसिया, सजावलपुर, मदराबेहड़, फूलपुर, गोनिया, गोनिया खुर्द, आमितिया, गौर और चौखड़िया सहित प्रभावित गांवों के लोगों की निगाहें विद्युत विभाग और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

ग्रामीणों की मांग है कि किसी अप्रिय घटना का इंतजार किए बिना हाईटेंशन लाइन को सुरक्षित किया जाए और बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द सामान्य की जाए।

NHP Bharat News | लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश

Itwari
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Itwari
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