प्रयागराज में अधिवक्ता से मारपीट-लूट का आरोप, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

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प्रयागराज में अधिवक्ता से मारपीट-लूट का आरोप: सिर पर हमले से बेहोश होने का दावा, दस्तावेज भी ले गए; वरिष्ठ अधिवक्ता ने उठाए सवाल

Aug 31, 2026
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प्रयागराज में अधिवक्ता से मारपीट-लूट का आरोप: सिर पर हमले से बेहोश होने का दावा, दस्तावेज भी ले गए; वरिष्ठ अधिवक्ता ने उठाए सवाल

प्रयागराज। थाना सराय इनायत क्षेत्र में एक अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट, रुपये और जरूरी दस्तावेज ले जाने तथा जान से मारने की धमकी देने का गंभीर मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता सुशील कुमार का आरोप है कि कचहरी से घर लौटते समय रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और बांस तथा लात-घूंसों से हमला किया। अब वरिष्ठ अधिवक्ता आयुष मिश्रा पीड़ित के समर्थन में सामने आए हैं और मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं।

21 अगस्त की बताई जा रही घटना

शिकायत के मुताबिक, घटना 21 अगस्त 2026 की है। अधिवक्ता सुशील कुमार कचहरी से अपने घर लौट रहे थे। आरोप है कि रास्ते में कुछ लोगों ने उन्हें रोक लिया और विवाद करते हुए उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि हमलावरों ने बांस और लात-घूंसों से उनकी पिटाई की। इस दौरान उनके सिर पर भी प्रहार किया गया, जिससे वह जमीन पर गिर गए और कथित तौर पर बेहोश हो गए।

₹2 हजार और जरूरी दस्तावेज ले जाने का आरोप

अधिवक्ता सुशील कुमार ने अपनी शिकायत में मारपीट के साथ रुपये और महत्वपूर्ण दस्तावेज ले जाने के आरोप भी लगाए हैं।

उनका दावा है कि घटना के दौरान उनकी जेब से करीब 2 हजार रुपये निकाल लिए गए। इसके अलावा मुकदमों से संबंधित पत्रावलियां और कई व्यक्तिगत दस्तावेज भी ले जाए गए।

इन दस्तावेजों में बार काउंसिल आईडी, आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस शामिल होने की बात कही गई है।

‘वकालत खत्म कर देने’ की धमकी देने का भी आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान उन्हें डराने-धमकाने की भी कोशिश की गई। आरोप है कि उन्हें कथित तौर पर उनकी ‘वकालत खत्म कर देने’ की धमकी दी गई।

इतना ही नहीं, मामले की शिकायत करने पर जान से खत्म करने की धमकी दिए जाने का आरोप भी लगाया गया है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

वरिष्ठ अधिवक्ता आयुष मिश्रा आए समर्थन में

मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता आयुष मिश्रा ने पीड़ित अधिवक्ता के समर्थन में आवाज उठाई है। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े करते हुए मामले में निष्पक्ष जांच और पीड़ित को सुरक्षा दिए जाने की जरूरत बताई।

उनका सवाल है कि यदि किसी अधिवक्ता के साथ मारपीट, लूट और धमकी जैसे गंभीर आरोप सामने आते हैं तो शिकायत पर पुलिस ने कितनी गंभीरता और संवेदनशीलता से कार्रवाई की है।

पुलिस कार्रवाई को लेकर उठाए सवाल

मामले को लेकर यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि पीड़ित अधिवक्ता की शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई, आरोपों की जांच किस स्तर पर की जा रही है और पीड़ित को सुरक्षा का भरोसा मिला या नहीं।

यदि जांच में शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी, इस पर भी अधिवक्ता पक्ष की नजर बनी हुई है।

फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में सराय इनायत पुलिस की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

NHP Bharat संबंधित पक्ष और पुलिस का आधिकारिक बयान सामने आने पर खबर को अपडेट करेगा।

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