पूरनपुर (पीलीभीत)। ग्यारहवीं शरीफ के अवसर पर पूरनपुर में हज़रत गौस-ए-आज़म शेख अब्दुल क़ादिर जीलानी की याद में जुलूस-ए-गौसिया निकाला गया। ब्लॉक रोड स्थित साबरी अहाता से शुरू हुए जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस दौरान धार्मिक झंडे लहराए गए और ‘या गौस अल मदद’ की सदाएं गूंजती रहीं। जुलूस के रास्ते में कई स्थानों पर तबर्रुक भी वितरित किया गया।
साबरी अहाता से शुरू हुआ जुलूस
जुलूस-ए-गौसिया ब्लॉक रोड स्थित साबरी अहाता से शुरू हुआ। जुलूस में शामिल लोग धार्मिक झंडे लेकर आगे बढ़ते रहे। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और तबर्रुक का वितरण किया गया।
जुलूस ब्लॉक रोड, ब्लॉक चौराहा, स्टेशन रोड, स्टेशन चौराहा और शेरपुर रोड से होते हुए शेरपुर रेलवे क्रॉसिंग के समीप पहुंचकर संपन्न हुआ।
गौस-ए-आज़म की शान में पेश की गई नात
कार्यक्रम के दौरान हाफिज नूर अहमद रजा अजहरी, मौलाना फजले अहमद नूरी, हाफिज असलम नूरी, मौलाना दानिश मिसवाही, हाफिज शाकिब, हाफिज शरीफ अहमद, हाफिज नाजिम रजा और हाफिज उस्मान सहित अन्य लोगों ने हज़रत गौस-ए-आज़म की शान में नात-ए-शरीफ पेश की और तकरीर की।
वक्ताओं ने हज़रत गौस-ए-आज़म की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए लोगों से नेक रास्ते पर चलने और समाज में आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की।
बच्चों को दीनी के साथ दुनियावी तालीम देने की अपील
तकरीर के दौरान बच्चों की शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने अभिभावकों से बच्चों को दीनी तालीम के साथ दुनियावी शिक्षा दिलाने की अपील की, ताकि वे शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़कर समाज और देश की तरक्की में योगदान दे सकें।
देश में अमन और भाईचारे के लिए मांगी दुआ
जुलूस के समापन पर देश में अमन, खुशहाली और आपसी भाईचारा कायम रहने के लिए विशेष दुआ की गई। आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए प्रशासन और पुलिस बल भी मौजूद रहा।