प्रयागराज | NHP Bharat Published BY: Ankush singh
प्रयागराज। मोतीलाल नेहरू मंडली चिकित्सालय (कालवीन अस्पताल) में मरीजों को वितरित की जा रही दवाओं की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठे हैं। एक मरीज ने आरोप लगाया है कि अस्पताल की इमरजेंसी से मिली सिप्रोफ्लॉक्सासिन (Ciprofloxacin) टैबलेट पैकेट से निकालते ही बुरादे की तरह टूटने लगी, जिससे दवा की गुणवत्ता पर संदेह पैदा हो गया।
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 6 बजे पैर में चोट लगने के बाद एक व्यक्ति इलाज के लिए कालवीन अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचा। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने उसे पैरासिटामोल, सिप्रोफ्लॉक्सासिन, ओमेज कैप्सूल और बी-कॉम्प्लेक्स सहित अन्य दवाएं उपलब्ध कराईं।
मरीज का आरोप है कि जब उसने सिप्रोफ्लॉक्सासिन की टैबलेट का पत्ता खोला तो टैबलेट बुरादे की तरह टूटने लगी। उसने दूसरी टैबलेट भी निकालकर देखी, लेकिन उसका भी यही हाल था। इसके बाद मरीज ने दवाएं और पर्चा लेकर इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सक को इसकी जानकारी दी।
आरोप है कि चिकित्सक ने भी कुछ टैबलेट की जांच की, जिनमें इसी प्रकार की स्थिति दिखाई दी। इसके बाद मरीज ने दवा की गुणवत्ता की जांच कराने और मामले में कार्रवाई की मांग की।
मरीज ने सवाल उठाया कि जब सरकार सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा कर रही है, तब अस्पतालों में वितरित होने वाली दवाओं की गुणवत्ता की निगरानी कैसे की जा रही है। विशेष रूप से एंटीबायोटिक दवाओं की गुणवत्ता को लेकर लापरवाही मरीजों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।
फिलहाल अस्पताल प्रशासन या स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यदि शिकायत सही पाई जाती है तो दवा की गुणवत्ता, सप्लाई प्रक्रिया और संबंधित बैच की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है।
नोट: इस समाचार में दवा की गुणवत्ता संबंधी आरोप मरीज द्वारा लगाए गए हैं। अस्पताल प्रशासन या संबंधित अधिकारियों की ओर से इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया अभी प्राप्त नहीं हुई है।