पूरनपुर/माधोटांडा (पीलीभीत) | NHP Bharat
Published BY: Rohit Kumar Yadav
पीलीभीत जिले के माधोटांडा थाना क्षेत्र स्थित गांव लोहारपुरी फुलहर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला पर अपने पति की कथित रूप से हत्या करने का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, महिला ने पहले पति को कथित तौर पर कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाया और बाद में साड़ी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
20 साल पहले हुआ था प्रेम विवाह
जानकारी के अनुसार, गांव लोहारपुरी फुलहर निवासी 42 वर्षीय उमाशंकर ने लगभग 20 वर्ष पहले ममता से प्रेम विवाह किया था। दोनों के दो बच्चे हैं—18 वर्षीय पुत्र विवेक उर्फ विकास और 12 वर्षीय पुत्री गीता।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार रात उमाशंकर घर की छत पर सो रहे थे, जबकि दोनों बच्चे नीचे के हिस्से में मौजूद थे।
बेटे की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज
पुलिस के अनुसार, बेटे विवेक उर्फ विकास की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि उसकी मां ने पहले पिता को नशीला पदार्थ पिलाया और बाद में उनका गला दबा दिया।
परिजनों के मुताबिक, देर रात जब बेटी गीता की आंख खुली तो उसने अपनी मां को बिस्तर पर नहीं देखा। इसके बाद उसने अपने भाई विवेक को जगाया। जब विवेक छत पर पहुंचा तो उसके पिता अचेत अवस्था में पड़े थे। आरोप है कि मां मौके से भागने का प्रयास कर रही थी। शोर सुनकर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने आरोपी पत्नी को किया गिरफ्तार
सूचना मिलते ही माधोटांडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच के बाद कुछ ही समय में आरोपी पत्नी ममता को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने बेटे की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
प्रेम प्रसंग के एंगल से भी जांच
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि प्रेम प्रसंग इस वारदात का एक संभावित कारण हो सकता है। जांच अधिकारी इस पहलू सहित सभी संभावित कारणों की जांच कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य और अन्य जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नोट: प्रेम प्रसंग को लेकर सामने आई जानकारी प्रारंभिक पुलिस जांच का हिस्सा है। इसकी अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।