नोएडा में मेट्रो यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा के रूप में सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने वाले एयर कंडीशंड स्काईवॉक का रविवार को औपचारिक लोकार्पण किया गया। नोएडा विधायक Pankaj Singh पंकज सिंह ने स्काईवॉक का उद्घाटन किया। इस दौरान नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी भी मौजूद रहे। स्काईवॉक NMRC की एक्वा लाइन के सेक्टर-51 स्टेशन को DMRC की ब्लू लाइन के सेक्टर-52 स्टेशन से जोड़ता है।
हालांकि उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार इसकी लागत लगभग ₹36.90 करोड़ है, न कि ₹3.69 करोड़। नोएडा प्राधिकरण ने 3 अक्टूबर को जारी सूचना में 4 अक्टूबर को लगभग ₹36.90 करोड़ की लागत से निर्मित स्काईवॉक के लोकार्पण की जानकारी दी थी। इसलिए खबर में ₹3.69 करोड़ लिखने के बजाय ₹36.90 करोड़ लिखना अधिक सही रहेगा।
स्काईवॉक की लंबाई को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में 460 से 480 मीटर का आंकड़ा दिया गया है। पहले की रिपोर्टों में इसे करीब 460 मीटर लंबा बताया गया, जबकि ताजा रिपोर्ट में लंबाई करीब 480 मीटर बताई गई है। ऐसे में प्रकाशन के लिए इसे करीब 460-480 मीटर लंबा लिखना सुरक्षित रहेगा। NDTV India
इस स्काईवॉक के शुरू होने से यात्रियों को दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन और नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन के बीच इंटरचेंज करने के लिए सड़क पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एयर कंडीशनिंग और ऑटोमैटिक ट्रैवलेटर जैसी सुविधाओं के कारण दोनों स्टेशनों के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक हुआ है।
स्काईवॉक को औपचारिक लोकार्पण से पहले ही अगस्त के आखिर में यात्रियों के लिए खोल दिया गया था। इसके बाद एक्वा लाइन पर यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। सितंबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्काईवॉक खुलने के बाद प्रतिदिन करीब 15 से 20 हजार अतिरिक्त यात्रियों के एक्वा लाइन पर सफर करने की बात सामने आई थी।
लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान विधायक पंकज सिंह ने स्काईवॉक पर चलकर उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। लंबे समय से सेक्टर-51 और सेक्टर-52 के बीच बेहतर इंटरचेंज की मांग कर रहे यात्रियों के लिए यह स्काईवॉक ब्लू और एक्वा लाइन के बीच महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी सुविधा बन गया है।