गढ़मुक्तेश्वर के करीमपुर गांव में 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए सलामुद्दीन, गंभीर हालत में मेरठ रेफर; विद्युत विभाग की सुरक्षा व्यवस्था और कथित लापरवाही पर उठे सवाल
हापुड़, उत्तर प्रदेश। जनपद हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम करीमपुर में विद्युत लाइन पर कार्य के दौरान करंट लगने से एक संविदा विद्युतकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में कर्मचारी बुरी तरह झुलस गया, जिसके बाद उसे उपचार के लिए मेरठ रेफर किया गया।
घायल विद्युतकर्मी की पहचान सलामुद्दीन, निवासी ग्राम अल्लाहबख्शपुर के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सलामुद्दीन बिजली विभाग में संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं।
बताया जा रहा है कि हादसा उस समय हुआ जब विद्युत लाइन पर कार्य के लिए शटडाउन लिया गया था, लेकिन कथित तौर पर बिजली की आपूर्ति दोबारा चालू हो गई। इसी दौरान सलामुद्दीन 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गए।
हादसे के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए भेजा गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए मेरठ रेफर किया गया, जहां इमरजेंसी में उनका उपचार कराया जा रहा है।
हालांकि शटडाउन के दौरान बिजली आपूर्ति चालू होने के दावे और हादसे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
करीमपुर गांव में विद्युत कार्य के दौरान हादसा
गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के करीमपुर गांव में विद्युत लाइन से संबंधित कार्य के दौरान यह हादसा होने की जानकारी सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार संविदा विद्युतकर्मी सलामुद्दीन बिजली लाइन पर कार्य कर रहे थे।
इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से झुलस गए।
घटना के बाद उन्हें उपचार के लिए भेजा गया।
हादसे ने विद्युत लाइन पर कार्य करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल सामने ला दिए हैं।
शटडाउन के बावजूद बिजली चालू होने का आरोप
हादसे को लेकर सबसे गंभीर आरोप यह सामने आया है कि विद्युत लाइन पर कार्य के लिए शटडाउन लिया गया था, लेकिन इसके बावजूद बिजली की आपूर्ति चालू हो गई।
बताया जा रहा है कि इसी दौरान सलामुद्दीन करंट की चपेट में आ गए।
यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है तो यह विद्युत आपूर्ति के नियंत्रण और सुरक्षा प्रक्रियाओं से जुड़ी गंभीर चूक हो सकती है।
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि शटडाउन किस समय लिया गया था, किस अधिकारी ने इसकी अनुमति दी थी और विद्युत आपूर्ति किन परिस्थितियों में चालू हुई।
इन सभी बिंदुओं की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।
11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन से झुलसे सलामुद्दीन
प्राप्त जानकारी के अनुसार सलामुद्दीन 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आए।
इस हादसे में वह गंभीर रूप से झुलस गए।
हाईटेंशन विद्युत लाइनों पर कार्य करना अत्यधिक जोखिमपूर्ण होता है। ऐसे कार्यों के दौरान विद्युत आपूर्ति पूरी तरह बंद होने की पुष्टि और निर्धारित सुरक्षा उपायों का पालन आवश्यक होता है।
घटना में घायल कर्मचारी की चोटों की वास्तविक गंभीरता का आकलन उपचार कर रहे चिकित्सकों की रिपोर्ट से ही स्पष्ट होगा।
अल्लाहबख्शपुर गांव के निवासी हैं घायल कर्मचारी
घायल विद्युतकर्मी सलामुद्दीन गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के ग्राम अल्लाहबख्शपुर के निवासी बताए गए हैं।
वह बिजली विभाग में संविदा कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं।
करीमपुर गांव में विद्युत कार्य के दौरान हुए हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं।
उनके परिजनों की प्रतिक्रिया और विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई सहायता के संबंध में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
गंभीर हालत में मेरठ रेफर, इमरजेंसी में उपचार
हादसे के बाद घायल सलामुद्दीन को तत्काल चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराई गई।
उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मेरठ में इमरजेंसी के अंतर्गत उनका उपचार कराया जा रहा है।
हालांकि अस्पताल का नाम, चिकित्सकों की रिपोर्ट और उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
बिजली विभाग की कथित लापरवाही पर उठे सवाल
घटना के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
प्राप्त जानकारी में कर्मचारियों की कमी और कथित लापरवाही को हादसे की संभावित वजह बताया गया है।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
यह जांच का विषय है कि विद्युत लाइन पर कार्य शुरू करने से पहले सभी निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।
साथ ही यह भी स्पष्ट होना आवश्यक है कि संबंधित लाइन की विद्युत आपूर्ति वास्तव में बंद की गई थी या नहीं।
शटडाउन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था क्यों जरूरी?
विद्युत लाइनों पर मरम्मत या अन्य कार्य करते समय शटडाउन और सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन कर्मचारियों की जान बचाने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
विशेष रूप से हाईटेंशन लाइनों पर काम करने से पहले विद्युत आपूर्ति बंद होने की पुष्टि करना जरूरी होता है।
इसके अतिरिक्त अधिकृत कर्मचारियों के बीच स्पष्ट संवाद, निर्धारित सुरक्षा उपकरणों का उपयोग और विद्युत लाइन के सुरक्षित होने की पुष्टि जैसी व्यवस्थाएं महत्वपूर्ण होती हैं।
यदि किसी भी स्तर पर सुरक्षा प्रक्रिया में चूक होती है तो कर्मचारियों को गंभीर खतरा हो सकता है।
संविदा विद्युतकर्मियों की सुरक्षा का मुद्दा
इस घटना ने विद्युत विभाग में कार्यरत संविदा कर्मचारियों की सुरक्षा का विषय भी सामने ला दिया है।
संविदा कर्मचारी विद्युत आपूर्ति से जुड़े कई आवश्यक कार्यों में भाग लेते हैं।
ऐसे में उन्हें आवश्यक प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरण और सुरक्षित कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है।
करीमपुर में हुए हादसे के संदर्भ में यह स्पष्ट होना जरूरी है कि संबंधित कर्मचारी को कार्य के दौरान कौन-कौन से सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराए गए थे।
हालांकि इस संबंध में विभाग का आधिकारिक पक्ष अभी उपलब्ध नहीं है।
कर्मचारियों की कमी और कार्यप्रणाली की जांच की आवश्यकता
प्राप्त जानकारी में विद्युत विभाग में कर्मचारियों की कमी का भी उल्लेख किया गया है।
हालांकि संबंधित क्षेत्र में स्वीकृत और कार्यरत कर्मचारियों की वास्तविक संख्या की पुष्टि नहीं हुई है।
हादसे की जांच में यह देखा जाना महत्वपूर्ण होगा कि कार्यस्थल पर पर्याप्त कर्मचारी मौजूद थे या नहीं और कार्य की निगरानी किस स्तर पर की जा रही थी।
किसी अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करने से पहले संबंधित रिकॉर्ड और साक्ष्यों की जांच आवश्यक है।
हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि बाकी
करीमपुर गांव में हुए हादसे के वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं।
शटडाउन के बावजूद विद्युत आपूर्ति चालू होने का दावा जांच का महत्वपूर्ण विषय हो सकता है।
यह भी स्पष्ट किया जाना आवश्यक है कि हादसे के समय लाइन की स्थिति क्या थी और कार्य के लिए कौन-सी सुरक्षा व्यवस्था अपनाई गई थी।
फिलहाल किसी विशिष्ट अधिकारी या कर्मचारी को दुर्घटना के लिए जिम्मेदार ठहराने का पर्याप्त पुष्ट आधार उपलब्ध नहीं है।
विभागीय जांच से स्पष्ट हो सकती है स्थिति
इस मामले में विद्युत विभाग की जांच से कई महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर सामने आ सकते हैं।
विशेष रूप से शटडाउन की अनुमति, विद्युत आपूर्ति के संचालन, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और कार्यस्थल पर निगरानी से संबंधित रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होंगे।
जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं।
करीमपुर हादसे में घायल कर्मचारी का उपचार जारी
हापुड़ जनपद के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र के करीमपुर गांव में करंट लगने से संविदा विद्युतकर्मी सलामुद्दीन गंभीर रूप से घायल हो गए।
अल्लाहबख्शपुर निवासी सलामुद्दीन को उपचार के लिए मेरठ रेफर किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हादसा 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से हुआ।
शटडाउन के बावजूद बिजली आपूर्ति चालू होने और विभागीय लापरवाही के आरोप सामने आए हैं, लेकिन इनकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।
घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारी की स्थिति विभागीय जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।