दोपहर करीब 12:30 बजे शुरू हुआ विरोध, अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुनीं शिकायतें; समझाने के बाद शांत हुआ मामला
अम्बेडकरनगर। जनपद न्यायालय परिसर स्थित लॉकअप में बुधवार दोपहर पानी की समस्या को लेकर बंदियों ने हंगामा कर दिया। दोपहर करीब 12:30 बजे शुरू हुआ विरोध कुछ ही देर में नारेबाजी में बदल गया। बंदियों ने पानी की समस्या के साथ एक आरक्षी की कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी जताई और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए।
बताया गया कि लॉकअप में पानी की समस्या से परेशान बंदियों ने पहले अपनी शिकायत संबंधित कर्मचारियों के सामने रखी। तत्काल समाधान नहीं होने पर उनका आक्रोश बढ़ गया और विरोध शुरू हो गया।
लॉकअप से नारेबाजी की आवाज आने पर मची हलचल
लॉकअप के अंदर से नारेबाजी की आवाज बाहर आने के बाद न्यायालय परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों में हलचल बढ़ गई। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और बंदियों को समझाकर स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास किया।
अधिकारियों ने बंदियों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। इस दौरान पानी की उपलब्धता के साथ एक आरक्षी की कार्यशैली को लेकर भी बंदियों ने शिकायत की।
ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी और संयुक्त निदेशक पहुंचे लॉकअप
मामले की जानकारी मिलने पर ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी अशोक कुमार और संयुक्त निदेशक सुनीता यादव भी लॉकअप पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने बंदियों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं।
बंदियों की ओर से पानी की समस्या और आरक्षी की कार्यशैली को लेकर लगाए गए आरोपों के संबंध में अधिकारियों ने जानकारी जुटाई।
समझाने के बाद शांत हुए बंदी
अधिकारियों की बातचीत और समझाने के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो गई। हालांकि लॉकअप में पानी जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर सामने आई शिकायत के बाद वहां की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे हैं।
वहीं, आरक्षी की कार्यशैली को लेकर बंदियों की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच किए जाने की बात कही गई है। जांच के बाद ही शिकायतों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
घटना के कारण न्यायालय परिसर में कुछ समय तक हलचल का माहौल रहा। फिलहाल अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी जुटाई है और शिकायतों की जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।