हर्रैया, बस्ती। हर्रैया ब्लॉक परिसर में बीडीओ आवास के सामने बनी आजाद वाटिका करीब एक साल से बदहाली का शिकार थी। नियमित साफ-सफाई और रखरखाव के अभाव में वाटिका में बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियां उग आई थीं। स्थिति ऐसी हो गई थी कि पार्क चारागाह और जंगल जैसा नजर आने लगा था।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, वाटिका बनने के बाद से नियमित सफाई पर ध्यान नहीं दिया गया। गुरुवार को गांधी जयंती के अवसर पर ब्लॉक प्रशासन को अचानक वाटिका की याद आई। ब्लॉक कर्मचारियों ने सफाई कर्मियों को लगाकर पूरे परिसर की साफ-सफाई कराई। झाड़ियों और घास की सफाई के बाद वाटिका का स्वरूप कुछ बदला नजर आया।
सफाई अभियान के बाद एडीओ पंचायत ने सफाई कर्मियों को माला पहनाकर सम्मानित भी किया। हालांकि, सवाल यह है कि जिस वाटिका की सफाई एक साल तक नहीं हुई, उसकी सुध केवल विशेष दिवस पर ही क्यों ली गई?
स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थल की नियमित साफ-सफाई और देखरेख की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि आजाद वाटिका का उद्देश्य पूरा हो और लोग इसका समुचित उपयोग कर सकें।