काशीराम कॉलोनी के बाशिंदों पर मंडरा रहा बेघर होने का खतरा; गरीब एकता दल ने किया दौरा, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर बोला तीखा हमला।
दौरे के दौरान कॉलोनी के हालात बेहद खस्ताहाल पाए गए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब तक उनके पुराने फ्लैट्स को दोबारा तैयार कर उन्हें वापस नहीं सौंपा जाता, तब तक प्रशासन उनके रहने के लिए वैकल्पिक और सुरक्षित स्थान की व्यवस्था करे। लेकिन प्रशासन उनकी जायज मांगों को अनसुना कर रहा है, जिससे गरीब जनता पशोपेश में है कि वह इस संकट की घड़ी में कहां जाए।
इस गंभीर स्थिति पर रोष व्यक्त करते हुए गरीब एकता दल के राष्ट्रीय संरक्षक बाबा मदन बिहारी दास ने कहा, "प्रशासन द्वारा अचानक दिए गए नोटिस से गरीब मानसिक रूप से टूट चुका है। बुरे वक्त में जनता के आंसू पोछने के बजाय जनप्रतिनिधि गायब हैं। ऐसे स्वार्थी और नकारा जनप्रतिनिधियों का क्या फायदा जो जनता की मुसीबत में उनके साथ खड़े ही नहीं है।प्रतिनिधिमंडल में शामिल विवेक महाजन (एडवोकेट) ने कहा, "प्रशासन को गरीबों को उजाड़ने से पहले उनके पुनर्वास की पुख्ता व्यवस्था करनी चाहिए। कानूनी और व्यावहारिक रूप से जनता के अधिकारों का हनन नहीं होने दिया जाएगा।"
दीपक गोयल ने स्थानीय जनता का दर्द साझा करते हुए कहा, "काशीराम कॉलोनी के आवासों की स्थिति पहले से ही बदतर है और अब नोटिस देकर प्रशासन इन्हें बेघर करना चाहता है। गरीब एकता दल इस अन्याय को कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।"
मनीष शर्मा और विभोर भारद्वाज ने कहा, "संकट की इस घड़ी में सांसद और विधायक पूरी तरह नदारद हैं, जो उनकी जनविरोधी मानसिकता को दर्शाता है। जनता चुनाव के समय इन्हें इसका करारा जवाब देगी।"
रिचा शर्मा ने कहा, "महिलाएं और बच्चे सबसे ज्यादा डरे हुए हैं। प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पहले इनका इंतजाम करें।