आगरा। फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक छोटेलाल वर्मा का गुरुवार को निधन हो गया। वह पिछले दो दिनों से बुखार से पीड़ित थे और तबीयत बिगड़ने के बाद उनका उपचार चल रहा था। हालत में सुधार नहीं होने पर परिजन उन्हें दिल्ली ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में स्वास्थ्य अधिक बिगड़ने के बाद उन्हें नोएडा के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही फतेहाबाद समेत आगरा जिले में समर्थकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई।
तबीयत बिगड़ने पर आगरा के निजी अस्पताल में कराया गया था भर्ती
सांसद राजकुमार चाहर के अनुसार, विधायक छोटेलाल वर्मा पिछले दो दिनों से बुखार से पीड़ित थे। तबीयत अधिक खराब होने पर उन्हें आगरा के राजपुर चुंगी क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के बावजूद उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
इसके बाद परिजनों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाने का निर्णय लिया। दिल्ली जाते समय रास्ते में उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें नोएडा के एक अस्पताल में ले जाया गया। वहीं उनका निधन हो गया।
चार बार फतेहाबाद से विधायक रहे छोटेलाल वर्मा
छोटेलाल वर्मा आगरा की फतेहाबाद विधानसभा सीट की राजनीति में लंबे समय तक सक्रिय रहे। उत्तर प्रदेश विधानसभा की आधिकारिक सदस्य प्रोफाइल के मुताबिक वह चार बार विधायक निर्वाचित हुए। उनका जन्म 7 जुलाई 1953 को आगरा जिले के नगला देवहंस में हुआ था। आधिकारिक रिकॉर्ड में उनका व्यवसाय कृषि और पेट्रोल पंप से जुड़ा दर्ज है।

उनका विधानसभा का सफर 1993 में शुरू हुआ, जब वह पहली बार भाजपा के टिकट पर फतेहाबाद से विधायक चुने गए। इसके बाद 2002 में भाजपा के टिकट पर दूसरी बार विधानसभा पहुंचे। वर्ष 2012 में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रत्याशी के रूप में फतेहाबाद सीट जीती और तीसरी बार विधायक बने। वर्ष 2022 में भाजपा ने उन्हें फिर फतेहाबाद से प्रत्याशी बनाया और वह चौथी बार विधायक निर्वाचित हुए।
2022 में 53 हजार से अधिक मतों से दर्ज की थी जीत
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में छोटेलाल वर्मा ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में 1,08,811 वोट हासिल किए थे। उनके मुकाबले समाजवादी पार्टी की रूपाली दीक्षित को 55,576 वोट मिले थे। इस तरह छोटेलाल वर्मा ने 53,235 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी।
इससे पहले 2012 के चुनाव में वह बसपा प्रत्याशी के रूप में 73,098 वोट हासिल कर विजयी हुए थे। उस चुनाव में उन्होंने समाजवादी पार्टी के राजेंद्र सिंह को बेहद करीबी मुकाबले में 699 मतों से हराया था। 2002 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में भी उन्होंने फतेहाबाद सीट पर जीत हासिल की थी।
1993 से क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय भूमिका
उत्तर प्रदेश विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार छोटेलाल वर्मा 1993 में पहली बार विधानसभा पहुंचे थे। इसके बाद अलग-अलग अवधियों में उन्होंने विधानसभा की समितियों में भी जिम्मेदारियां निभाईं। 2002 में वह याचिका समिति से जुड़े और 2012-13 में सार्वजनिक उपक्रम एवं निगम संबंधी संयुक्त समिति के सदस्य रहे। मार्च 2022 में वह चौथी बार विधानसभा के सदस्य निर्वाचित हुए।
उनका राजनीतिक सफर अलग-अलग दलों से भी जुड़ा रहा। 1993 और 2002 में उन्होंने भाजपा से चुनाव जीता, 2007 में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा और 2012 में बसपा के टिकट पर जीत हासिल की। बाद में वह फिर भाजपा में लौटे और 2022 में भाजपा प्रत्याशी के रूप में फतेहाबाद सीट से विधानसभा पहुंचे।
निधन की खबर से समर्थकों में शोक
विधायक छोटेलाल वर्मा के निधन की जानकारी सामने आते ही फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र और आगरा में उनके समर्थकों के बीच शोक का माहौल बन गया। लंबे राजनीतिक जीवन के दौरान वह फतेहाबाद क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे और चार बार विधानसभा में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
नोट: निधन और बीमारी से जुड़ी शुरुआती जानकारी आपके उपलब्ध कराए विवरण पर आधारित है। मैंने राजनीतिक करियर और चुनावी रिकॉर्ड को उत्तर प्रदेश विधानसभा के आधिकारिक रिकॉर्ड तथा उपलब्ध चुनावी आंकड़ों से सत्यापित किया है। निधन से संबंधित स्वतंत्र आधिकारिक घोषणा उपलब्ध होने पर तारीख, अस्पताल और अंतिम संस्कार संबंधी विवरण अपडेट किए जा सकते हैं।