सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज मे तीन दिवसीय बेसिक को

Hapur

सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज मे तीन दिवसीय बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन का हुआ समापन

Sep 12, 2026
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हापुड़, सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एसआईएमएस) -आयोजित तीन दिवसीय बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन (बीसीएमई) का सफलतापूर्वक समापन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य मेडिकल फैकल्टी की टीचिंग, लर्निंग और असेसमेंट संबंधी क्षमताओं को सुदृढ़ करना तथा कंटेम्पररी मेडिकल एजुकेशन में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना था।


सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की मेडिकल एजुकेशन यूनिट (एमईयू) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मेडिकल एजुकेटर्स को मॉडर्न पेडागॉजिकल फ्रेमवर्क्स, इनोवेटिव टीचिंग-लर्निंग मेथडोलॉजीज और इफेक्टिव असेसमेंट टेक्नीक्स से परिचित कराया गया, जो कॉम्पिटेंसी-बेस्ड मेडिकल एजुकेशन (सीबीएमई) के सफल इम्प्लीमेंटेशन के लिए आवश्यक हैं।


तीन दिवसीय कार्यक्रम में इंटरैक्टिव एकेडमिक सेशंस, ग्रुप डिस्कशंस, प्रैक्टिकल एक्सरसाइजेज, पार्टिसिपेटरी एक्टिविटीज और रिफ्लेक्टिव लर्निंग सेशंस की एक श्रृंखला आयोजित की गई। फैकल्टी मेंबर्स ने करिकुलम प्लानिंग, लर्नर-सेंटर्ड टीचिंग, कॉम्पिटेंसी-बेस्ड एजुकेशन, असेसमेंट स्ट्रैटेजीज, कंस्ट्रक्टिव फीडबैक तथा इफेक्टिव क्लासरूम और क्लिनिकल टीचिंग के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया।


सेशंस के दौरान प्रतिभागियों को अपने अनुभव साझा करने, मेडिकल टीचिंग और असेसमेंट से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करने तथा स्टूडेंट एंगेजमेंट और लर्निंग आउटकम्स में सुधार के लिए प्रैक्टिकल अप्रोचेज तलाशने का अवसर भी मिला।


कार्यक्रम का संचालन डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. बरखा गुप्ता के डायनामिक लीडरशिप में किया गया। उनके एकेडमिक गाइडेंस और एन्करेजमेंट ने कार्यक्रम के सफल एग्जीक्यूशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


यह इनिशिएटिव फाउंडर एवं चेयरमैन डॉ. जे. रामचंद्रन तथा वाइस चेयरपर्सन डॉ. रम्या रामचंद्रेन के विजनरी पैट्रनेज में आयोजित किया गया। एकेडमिक एक्सीलेंस और फैकल्टी डेवलपमेंट के प्रति उनके निरंतर सपोर्ट और कमिटमेंट ने क्वालिटी मेडिकल एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए संस्थान के प्रयासों को और मजबूत किया है।


कार्यक्रम को सीनियर एडवाइजर ब्रिग. डॉ. आर. के. सहगल, जनरल मैनेजर एन. वर्धराजन एवं डायरेक्टर रघुवार दत्त का वैल्यूएबल गाइडेंस और सपोर्ट प्राप्त हुआ। उनके एन्करेजमेंट ने इस एकेडमिक इनिशिएटिव के स्मूथ कंडक्ट में महत्वपूर्ण योगदान दिया।


कार्यक्रम का मेटिक्युलस कोऑर्डिनेशन डॉ. क्राति वर्मा, कोऑर्डिनेटर, मेडिकल एजुकेशन यूनिट (एमईयू) द्वारा किया गया। कार्यक्रम में एक डिस्टिंग्विश्ड पैनल ऑफ रिसोर्स फैकल्टी ने सहभागिता की, जिसमें डॉ. संजीव डिमरी, डॉ. निधि गुप्ता, डॉ. शलीन जैन, डॉ. अमित अग्रवाल एवं डॉ. सचेत दावर शामिल रहे।


रिसोर्स फैकल्टी ने कंटेम्पररी मेडिकल एजुकेशन में अपनी एक्सपर्टीज और प्रैक्टिकल इनसाइट्स साझा करते हुए प्रतिभागियों को इफेक्टिव टीचिंग स्ट्रैटेजीज, करिकुलम इम्प्लीमेंटेशन, असेसमेंट मेथड्स और फीडबैक प्रैक्टिसेज के बारे में गाइड किया। विशेष रूप से मेडिकल एजुकेटर्स की एवॉल्विंग रोल पर जोर दिया गया, जिसमें टीचर्स, फैसिलिटेटर्स, मेंटर्स, असेसर्स और प्रोफेशनल रोल मॉडल्स के रूप में उनकी भूमिका को रेखांकित किया गया।


कार्यक्रम में कन्वेंशनल टीचिंग अप्रोचेज से आगे बढ़कर लर्नर-सेंटर्ड, कॉम्पिटेंसी-बेस्ड और आउटकम-ओरिएंटेड एजुकेशन की ओर बढ़ने के महत्व पर जोर दिया गया। फैकल्टी मेंबर्स को ऐसे इनोवेटिव अप्रोचेज अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जो स्टूडेंट्स को प्रभावी मेडिकल प्रैक्टिस के लिए आवश्यक नॉलेज, स्किल्स, एटीट्यूड्स और प्रोफेशनल कॉम्पिटेंसीज को क्रमिक रूप से विकसित करने में सक्षम बनाते हैं।


बीसीएमई प्रोग्राम का सफल कम्प्लीशन सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज की फैकल्टी डेवलपमेंट, एकेडमिक इनोवेशन और मेडिकल एजुकेशन में क्वालिटी इम्प्रूवमेंट के प्रति निरंतर कमिटमेंट को दर्शाता है। संस्थान यह मानता है कि एम्पावर्ड और वेल-ट्रेंड एजुकेटर्स कॉम्पिटेंट, कम्पैशनेट, एथिकल और प्रोफेशनली रिस्पॉन्सिबल हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


इस प्रकार के एकेडमिक इनिशिएटिव्स के माध्यम से एसआईएमएस अपने एकेडमिक इकोसिस्टम को निरंतर मजबूत कर रहा है तथा हेल्थकेयर और सोसाइटी की एवॉल्विंग नीड्स के अनुरूप क्वालिटी, कॉम्पिटेंसी-बेस्ड और लर्नर-सेंटर्ड मेडिकल एजुकेशन को बढ़ावा दे रहा है।


संस्थान ने डिस्टिंग्विश्ड रिसोर्स फैकल्टी, मेडिकल एजुकेशन यूनिट, पार्टिसिपेटिंग फैकल्टी मेंबर्स तथा तीन दिवसीय कार्यक्रम के सफल ऑर्गनाइजेशन में शामिल सभी लोगों के प्रति अपनी प्रशंसा एवं आभार व्यक्त किया।


manish kumar
Author
manish kumar
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