मुरादाबाद: 40 शस्त्र लाइसेंस जारी, 14 भाजपा नेताओं को मिले

Moradabad

NHP Bharat Exclusive: किसे मिले शस्त्र लाइसेंस? 40 में से 14 भाजपा मंडल अध्यक्षों को, 25 आवेदन अब भी लंबित

Oct 6, 2026
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तत्कालीन डीएम के करीब साढ़े चार महीने के कार्यकाल में जारी हुए लाइसेंस; भाजपा पदाधिकारियों ने पुराने आवेदनों और सत्यापन रिपोर्ट में देरी का दिया हवाला

मुरादाबाद। जिले में शस्त्र लाइसेंस जारी किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, तत्कालीन जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार पैंसिया के करीब साढ़े चार महीने के कार्यकाल में 40 शस्त्र लाइसेंस जारी किए गए। इनमें 14 लाइसेंस भाजपा के मंडल अध्यक्षों को मिले हैं। एक ही राजनीतिक दल के इतने पदाधिकारियों को लाइसेंस मिलने और अन्य आवेदनों के लंबित रहने से यह मामला चर्चा में है।

बताया गया है कि करीब 25 आवेदन अभी लंबित हैं। इनमें भाजपा के 10 मंडल अध्यक्षों और 15 अन्य लोगों के आवेदन शामिल हैं। कुछ आवेदनों पर संबंधित थानों की सत्यापन रिपोर्ट आने से पहले ही तत्कालीन जिलाधिकारी का तबादला हो गया।

पांच मई को संभाला कार्यभार, 21 सितंबर को हुआ तबादला

संभल में जिलाधिकारी रह चुके डॉ. राजेंद्र कुमार पैंसिया ने पांच मई को मुरादाबाद के डीएम का कार्यभार संभाला था। इसके बाद 21 सितंबर को उनका तबादला कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग में विशेष सचिव के पद पर कर दिया गया। इस तरह मुरादाबाद में उनका कार्यकाल करीब साढ़े चार महीने रहा।

इसी अवधि में 40 शस्त्र लाइसेंस जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, किस आवेदन पर किस आधार और सत्यापन के बाद मंजूरी दी गई, इसका विस्तृत प्रशासनिक पक्ष उपलब्ध विवरण में शामिल नहीं है।

ऑफलाइन आवेदन लेने की बात भी सामने आई

रिपोर्ट के मुताबिक, तत्कालीन जिलाधिकारी के कार्यकाल में शस्त्र लाइसेंस की आवेदन प्रक्रिया में बदलाव किया गया और ऑनलाइन के स्थान पर ऑफलाइन आवेदन लिए गए। सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि 60 से अधिक लोगों ने आवेदन किया था।

इनमें से 40 आवेदकों को लाइसेंस जारी किए गए, जबकि करीब 25 आवेदन लंबित बताए जा रहे हैं। आवेदन प्रक्रिया में बदलाव के कारण और उससे संबंधित आदेश का विवरण सामने नहीं आया है। इसलिए इस बदलाव की आधिकारिक स्थिति प्रशासन की प्रतिक्रिया से ही स्पष्ट हो सकेगी।

14 लाइसेंस भाजपा मंडल अध्यक्षों को मिले

जारी किए गए 40 लाइसेंसों में भाजपा के 14 मंडल अध्यक्ष शामिल बताए गए हैं। इनमें 13 मंडल अध्यक्ष पार्टी की जिला कमेटी और एक मंडल अध्यक्ष महानगर कमेटी से संबंधित हैं।

शेष लाइसेंस प्राप्त करने वालों को रिपोर्ट में शहर के प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताया गया है। हालांकि, उनके नाम और आवेदन मंजूर होने के आधार का पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में केवल राजनीतिक संबद्धता के आधार पर किसी लाइसेंस को नियमविरुद्ध मानने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। सवाल आवेदन प्रक्रिया, मंजूरी के आधार और लंबित मामलों के निस्तारण को लेकर हैं।

भाजपा जिलाध्यक्ष बोले—काफी पहले किए गए थे आवेदन

भाजपा जिलाध्यक्ष आकाश पाल के मुताबिक, जिला कमेटी से जुड़े 14 मंडल अध्यक्षों ने शस्त्र लाइसेंस के लिए काफी समय पहले आवेदन किया था। इनमें से 13 के लाइसेंस करीब एक महीने पहले जारी हो गए। एक मंडल अध्यक्ष की संबंधित थाने से रिपोर्ट नहीं आने के कारण उसका लाइसेंस जारी नहीं हो पाया।

उनके बयान के अनुसार, जिला कमेटी से संबंधित मंजूर आवेदनों और लंबित आवेदन के बीच मुख्य अंतर सत्यापन रिपोर्ट की उपलब्धता का था।

महानगर अध्यक्ष ने नौ आवेदन लंबित बताए

भाजपा महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला के मुताबिक, महानगर कमेटी के सभी 10 मंडल अध्यक्षों ने करीब एक महीने पहले शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। इनमें एक मंडल अध्यक्ष का लाइसेंस जारी हुआ, जबकि बाकी नौ आवेदन लंबित हैं।

जिला और महानगर कमेटी के पदाधिकारियों के इन बयानों के अनुसार, भाजपा के कुल 14 मंडल अध्यक्षों को लाइसेंस मिल चुके हैं और 10 के आवेदन लंबित हैं।

इन मंडल अध्यक्षों को मिले शस्त्र लाइसेंस

मंडल अध्यक्ष का नाम
कांठ अंकुश चौहान
छजलैट आंचल चौधरी
पाकबड़ा दीपक चौधरी
अगवानपुर संजय विश्नोई
ठाकुरद्वारा देहात हरिओम सिंह
ठाकुरद्वारा नगर दीपक वाल्मीकि
डिलारी हरपाल सिंह सैनी
दलपतपुर नीरज चंद्रा
मूंढापांडे महेंद्र सिंह सैनी
बिलारी विकास गुप्ता
खावरी अब्बल दयाराम मौर्य
नमैनी पहाड़पुर पारस शर्मा
महमूदपुर माफी रवि कुमार पासी
सिविल लाइंस सोमपाल प्रजापति

इन 10 मंडल अध्यक्षों के आवेदन लंबित बताए गए

मंडल अध्यक्ष का नाम
कटघर राजीव शर्मा
दस सराय गजेंद्र लोधी
मध्यनगर सूर्यमोहन शमशेरी
चंद्रनगर कपिल गुप्ता
लाइनपार मिथुन शर्मा
रामगंगा विहार विपिन प्रजापति
दीवान का बाजार विशाल रस्तोगी
सेहल सतेंद्र सिंह सैनी
भोजपुर वीरपाल सिंह
कुंदरकी संजय कश्यप

कुंदरकी मंडल अध्यक्ष संजय कश्यप की संबंधित थाने से सत्यापन रिपोर्ट नहीं आने के कारण उनका लाइसेंस जारी नहीं हो सका। अन्य लंबित आवेदनों में भी रिपोर्ट मिलने में देरी की बात कही गई है।

दो मंडल अध्यक्षों ने नहीं किया आवेदन

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जिला कमेटी से जुड़े भगतपुर मंडल अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा और रतनपुर कलां मंडल अध्यक्ष बबलू सिंह ने शस्त्र लाइसेंस के लिए आवेदन नहीं किया था।

आम आवेदकों की परेशानी का मुद्दा भी उठा

इस मामले के साथ आम लोगों के लंबित आवेदनों का मुद्दा भी सामने आया है। आरोप है कि कुछ आवेदक अपनी सुरक्षा संबंधी जरूरतों को लेकर लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं। संबंधित थानों से रिपोर्ट लगने के बावजूद उनके आवेदन का निस्तारण नहीं हो पाता।

हालांकि, ऐसे आवेदकों के नाम, आवेदन की तारीख और लंबित रहने के कारण उपलब्ध विवरण में नहीं दिए गए हैं। इन शिकायतों की स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित आवेदन और प्रशासनिक रिकॉर्ड देखना आवश्यक होगा।

प्रशासन का विस्तृत पक्ष आना बाकी

पूरे मामले में यह स्पष्ट होना बाकी है कि जारी किए गए 40 लाइसेंसों की मंजूरी किन आधारों पर हुई, ऑफलाइन आवेदन लेने की व्यवस्था क्यों अपनाई गई और लंबित 25 आवेदनों की वर्तमान स्थिति क्या है।

उपलब्ध विवरण में तत्कालीन जिलाधिकारी अथवा वर्तमान जिला प्रशासन की विस्तृत प्रतिक्रिया शामिल नहीं है। प्रशासन का पक्ष सामने आने के बाद लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया और लंबित आवेदनों से जुड़े सवालों पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

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